{"_id":"61520c918ebc3e09f4370db2","slug":"mahapanchayat-of-farmers-of-12-villages-in-protest-against-land-acquisition-bareilly-news-bly461017059","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि अधिग्रहण के विरोध में 12 गांव के किसानों की महापंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि अधिग्रहण के विरोध में 12 गांव के किसानों की महापंचायत
विज्ञापन
रामगंगा आवासीय योजना में भूमि अधिग्रहण के विरोध में पंचायत करते किसान।
रामगंगा आवासीय योजना में जबरन भूमि लिए जाने का किसानों ने किया विरोध
विज्ञापन
बिथरी चैनपुर। बीडीए की रामगंगा आवासीय योजना में भूमि अधिग्रहण के विरोध में सोमवार को बिथरी क्षेत्र के किसानों ने महापंचायत आयोजित की। महापंचायत में आसपास के 12 गांव के किसान शामिल हुए। बीडीए द्वारा जबरन जमीन हथियाने को किसानों ने अस्तित्व पर हमला करार दिया।
क्रांतिकारी किसान मंच के बैनर तले आयोजित महापंचायत में किसानों ने रामगंगा आवासीय योजना में जमीन अधिग्रहण की योजना रद्द करने की मांग की। किसानों ने कहा कि जमीन ही हमारे परिवार की जीविका का साधन है। अगर जमीन ही नहीं बचेगी तो परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। महापंचायत के संयोजक हिमांशु ने कहा कि बीडीए बल प्रयोग कर किसानों की आवाज दबा रहा है। बीडीए किसानों की जायज मांगें तक नहीं सुन रहा। उन्होंने कहा कि बीडीए की मनमानी का आखिरी सांस तक विरोध किया जाएगा। प्रशासन हमारी मर्जी के बगैर हमसे जमीनें नहीं ले सकता। महापंचायत में बीते दिनों संसद में पारित तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। किसान महापंचायत में राममूर्ति लाल, भगवान दास, सूरजपाल, लल्लू, राकेश, रामेन्द्र सिहं, मनोहर सिंह, अनिल पटेल, मुन्नालाल मौजूद रहे।
क्रांतिकारी किसान मंच के बैनर तले आयोजित महापंचायत में किसानों ने रामगंगा आवासीय योजना में जमीन अधिग्रहण की योजना रद्द करने की मांग की। किसानों ने कहा कि जमीन ही हमारे परिवार की जीविका का साधन है। अगर जमीन ही नहीं बचेगी तो परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। महापंचायत के संयोजक हिमांशु ने कहा कि बीडीए बल प्रयोग कर किसानों की आवाज दबा रहा है। बीडीए किसानों की जायज मांगें तक नहीं सुन रहा। उन्होंने कहा कि बीडीए की मनमानी का आखिरी सांस तक विरोध किया जाएगा। प्रशासन हमारी मर्जी के बगैर हमसे जमीनें नहीं ले सकता। महापंचायत में बीते दिनों संसद में पारित तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। किसान महापंचायत में राममूर्ति लाल, भगवान दास, सूरजपाल, लल्लू, राकेश, रामेन्द्र सिहं, मनोहर सिंह, अनिल पटेल, मुन्नालाल मौजूद रहे।
विज्ञापन