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Bareilly News: अपने बुने जाल में फंसे माफिया... खुद ही दे बैठे अपने खिलाफ सबूत

Fri, 18 Oct 2024 05:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2024 05:07 AM IST
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Mafia trapped in their own web... they themselves gave evidence against themselves
विश्वनाथ को आगे कर जाफरी ने होशियारी दिखाई, विजय शर्मा के खिलाफ दिए सबूतों से खुल गया राज
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बरेली। शेर अली जाफरी, विश्वनाथ शर्मा और उसके गुर्गे अपने ही बुने जाल में फंस गए। आरोपियों ने अपने बचाव में विजय शर्मा के खिलाफ जो सबूत दिए, उनसे दोनों पक्षों के आर्थिक लेनदेन व अन्य बिंदुओं पर सांठगांठ का राज खुल गया। पुलिस ने विश्वनाथ शर्मा को सरकारी गवाह बनाने का झांसा दिया तो उसने और भी सबूत दे दिए।
शेर अली जाफरी, उसके बेटे फिरोज अली जाफरी, विजय शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, जाकिर और तारिक ने मिलकर खुसरो कॉलेज में डी फार्मा कोर्स के लिए 379 छात्रों का प्रवेश लिया था। इनसे करोड़ों रुपये वसूलकर फर्जी डिग्री थमा दी थी। भेद खुलने पर शेर अली जाफरी ने बचने के लिए सीबीगंज पुलिस को सेट कर लिया। विश्वनाथ शर्मा को आगे करके विजय शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। जाफरी ने अपने खिलाफ हुई शिकायत में पुलिस से सांठगांठ कर क्लीनचिट भी ले ली थी।
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सीबीगंज पुलिस लीपापोती करने वाली थी, लेकिन छात्र हंगामा करते हुए एसएसपी के पास पहुंच गए। एसएसपी ने एसआईटी गठित कर जांच बैठा दी। तब पता चला कि जाफरी ने विजय शर्मा के खिलाफ जो रिपोर्ट कराई, उसमें अलीगढ़ के एक विवि से सांठगांठ कर डिग्री दिलवाने का आरोप लगाया था। संबंधित विवि में पुलिस पहुंची तो पता लगा कि खुसरो कॉलेज को वहां से किसी कोर्स की मान्यता कभी नहीं दी गई। तब छात्रों से मिली डिग्रियों के आधार पर पुलिस टीमें ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, मदरहुड विश्वविद्यालय रुड़की उत्तराखंड और छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर तक जांच करने गई। पता लगा कि इनसे कॉलेज का कोई जुड़ाव नहीं है।
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झांसे में फंसा विश्वनाथ
एसआईटी गठन होने पर विश्वनाथ शर्मा को विजय शर्मा के खिलाफ सबूत देने के लिए बुलाया गया। वह उम्रदराज और एक पैर से दिव्यांग है। जाफरी ने सोचा था कि उसे आगे करने से अधिकारी मानवीय आधार पर रियायत करेंगे। शुरू में इस तरह का माहौल भी बनाया गया। टीम ने विश्वनाथ को झांसा दिया कि उसे सरकारी गवाह बनाकर बचा लिया जाएगा। तब वह जाफरी के खिलाफ भी सबूत दे बैठा। जाफरी ने विजय शर्मा को रुपये भेजने के ट्रांजेक्शन का रिकाॅर्ड एसआईटी को सौंपकर खुद को बेदाग बताने की कोशिश की। जबकि, इन्हीं रुपयों के लेनदेन से फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिल गए और विजय शर्मा के साथ जाफरी भी फंस गया। अमर उजाला ब्यूरो
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