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Bareilly News: मदरसों के छात्र और शिक्षकों का नहीं हुआ सत्यापन
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बरेली। जिले में गैर अनुदानित मदरसों में शिक्षक समेत कितना स्टाफ है, इनके नाम-पता क्या हैं। ये कहां के रहने वाले हैं आदि के बारे में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। अनुदानित मदरसों में भी शिक्षकों और छात्रों के बारे में कभी कोई सत्यापन नहीं हुआ है। ऐसे में आजमगढ़ की तरह ही बरेली के मदरसों में भी शमशुल हुदा खान जैसे शिक्षक नहीं हैं, यह दावे से कहना मुश्किल है। वैसे, अभी आजमगढ़ जिले में मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान के मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ) लालमन का भी निलंबन हुआ है।
जिले में मदरसों की संख्या 338 है। इसमें पांच अनुदानित हैं। जिसमें चार प्रधानाचार्य और 44 शिक्षक समेत कुल 55 कर्मियों का स्टाफ है। गैर अनुदानित मदरसों में कितने शिक्षक व अन्य स्टाफ के बारे में न पटल प्रभारी को मालूम है और न ही डीएमओ को। विभाग कार्यालय के मुताबिक, जिले के अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों में 23,927 छात्र तालीम ले रहे हैं। इसमें अनुदानित मदरसों में 1,005 छात्र हैं। यह आंकड़ा 19 नवंबर तक यू-डायस पर दर्ज है। मदरसों में आलिम (कक्षा-12) तक के छात्र हैं। डीएमओ कार्यालय में मदरसा तीन कर्मचारी देखते हैं। इसमें कर्मी राशिद हुसैन परीक्षा और कनिष्ठ लिपिक मुस्कान शिक्षक व अन्य स्टाफ का वेतन-मानदेय, जीपीएफ और वेतनवृद्धि आदि वित्तीय मामले देखती हैं। जबकि, छात्रवृत्ति का काम अंकित सैनी देखते हैं। राशिद हुसैन ने बताया कि गैर अनुदानित मदरसों में शिक्षक व अन्य स्टाफ की भर्ती से विभाग का कोई मतलब नहीं है। इसलिए स्टाफ के बारे में कार्यालय में कोई जानकारी भी नहीं है। मदरसों में छात्रवृत्ति का काम डीएमओ कार्यालय के बाबू अंकित सैनी ने बताया कि पिछले दो साल से किसी मदरसा ने अपने यहां के बच्चे की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ही नहीं कराया है। इस बार भी मदरसा छात्रों के आवेदनों की संख्या शून्य ही है। संवाद
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लालमन के निलंबन के बाद डीएमओ का अतिरिक्त चार्ज हमें शनिवार शाम को मिला है। मदरसों में शिक्षकों और छात्रों का सर्वे कराएंगे। - इंद्रजीत, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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मंडल के सभी जिलों में अनुदानित एवं गैर अनुदानित मदरसा शिक्षकाें और छात्रों का सत्यापन कराने की योजना में हैं। इस संबंध में डीएम को निर्देश जारी करेंगे। - भूपेंद्र एस. चौधरी, मंडलायुक्त
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जिले में मदरसों की संख्या 338 है। इसमें पांच अनुदानित हैं। जिसमें चार प्रधानाचार्य और 44 शिक्षक समेत कुल 55 कर्मियों का स्टाफ है। गैर अनुदानित मदरसों में कितने शिक्षक व अन्य स्टाफ के बारे में न पटल प्रभारी को मालूम है और न ही डीएमओ को। विभाग कार्यालय के मुताबिक, जिले के अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों में 23,927 छात्र तालीम ले रहे हैं। इसमें अनुदानित मदरसों में 1,005 छात्र हैं। यह आंकड़ा 19 नवंबर तक यू-डायस पर दर्ज है। मदरसों में आलिम (कक्षा-12) तक के छात्र हैं। डीएमओ कार्यालय में मदरसा तीन कर्मचारी देखते हैं। इसमें कर्मी राशिद हुसैन परीक्षा और कनिष्ठ लिपिक मुस्कान शिक्षक व अन्य स्टाफ का वेतन-मानदेय, जीपीएफ और वेतनवृद्धि आदि वित्तीय मामले देखती हैं। जबकि, छात्रवृत्ति का काम अंकित सैनी देखते हैं। राशिद हुसैन ने बताया कि गैर अनुदानित मदरसों में शिक्षक व अन्य स्टाफ की भर्ती से विभाग का कोई मतलब नहीं है। इसलिए स्टाफ के बारे में कार्यालय में कोई जानकारी भी नहीं है। मदरसों में छात्रवृत्ति का काम डीएमओ कार्यालय के बाबू अंकित सैनी ने बताया कि पिछले दो साल से किसी मदरसा ने अपने यहां के बच्चे की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ही नहीं कराया है। इस बार भी मदरसा छात्रों के आवेदनों की संख्या शून्य ही है। संवाद
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लालमन के निलंबन के बाद डीएमओ का अतिरिक्त चार्ज हमें शनिवार शाम को मिला है। मदरसों में शिक्षकों और छात्रों का सर्वे कराएंगे। - इंद्रजीत, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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मंडल के सभी जिलों में अनुदानित एवं गैर अनुदानित मदरसा शिक्षकाें और छात्रों का सत्यापन कराने की योजना में हैं। इस संबंध में डीएम को निर्देश जारी करेंगे। - भूपेंद्र एस. चौधरी, मंडलायुक्त