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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   MA Education granted the NOC , an association not

एमए एजूकेशन को एनओसी दे दी, संबद्धता का पता नहीं

Fri, 06 May 2016 12:53 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Fri, 06 May 2016 12:53 AM IST
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमए एजूकेशन की मांग कई कॉलेज कर रहे हैं, लेकिन किसी भी कॉलेज को संबद्धता नहीं दी जा रही है। संबद्धता से पहले कॉलेजों को एनओसी (नो ऑब्जेक्शन) दी जाती है। कुछ कॉलेजों ने एनओसी के लिए आवेदन किया तो विश्वविद्यालय ने उन्हें एनओसी दे दी, लेकिन संबद्धता के लिए कहा जा रहा है कि विश्वविद्यालय परिनियमावली में नहीं है। लोगों ने काफी हंगामा किया तो कमेटी बना दी है। सालभर हो गया है, लेकिन अब तक कमेटी रिपोर्ट नहीं दे पाई है। 
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पिछले साल हाशमी डिग्री कॉलेज समेत छह कॉलेजों ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमए एजूकेशन की संबद्धता के लिए एनओसी मांगी तो विश्वविद्यालय ने दे दिया। एनओसी के बाद विश्वविद्यालय को संबद्धता देना चाहिए, लेकिन संबद्धता देने की बजाय परिनियावली में नियमित नहीं है, कहकर संबद्धता खारिज कर दी। कुलपति से तमाम लोगों ने इसकी मांग की तो उन्होंने कमेटी बना दी। दरअसल, रुहेलखंड विश्वविद्यालय में जिस काम को रोकना होता है, उसके लिए कमेटी बना दी जाती है। यह कमेटी सालभर के बाद भी रिपोर्ट नहीं दे पाई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय एमए एजूकेशन की संबद्धता नहीं देना चाहता है, जबकि यह विश्वविद्यालय के अधिकार में है। वह जो चाहे कोर्स शुरू कर सकता है। यह प्रैक्टिकल का विषय भी नहीं है, इसलिए यह कोर्स शुरू करने में आसान है, लेकिन विश्वविद्यालय इस कोर्स के लिए किसी कॉलेज को संबद्धता नहीं दे रहा है। 
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बरेली कॉलेज और साहू रामस्वरूप कर रहा डिमांग
बरेली। बरेली कॉलेज में पहले से ही बीए में एजूकेशन है। इसलिए, वह आगे एमए एजुकेशन भी शुरू करना चाहता है। इसके लिए पांच साल से पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन रुहेलखंड विश्वविद्यालय मान्यता देने के लिए तैयार नहीं है। इसी तरह से साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय में भी एमए एजूकेशन की मांग कर रहा है, लेकिन उसे भी नहीं मिल रही है। रुहेलखंड क्षेत्र के छात्र एमए एजूकेशन करने के लिए लखनऊ, मेरठ, रुद्रपुर, हल्द्वानी जाते हैं। विद्यार्थियों की समस्याएं समझने के बाद भी विश्वविद्यालय एमए एजूकेशन शुरू नहीं करना चाहता है। 
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