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Bareilly News: नेपाल से सटे गांवों से होगी लंपी टीकाकरण की शुरुआत

Fri, 17 May 2024 06:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 17 May 2024 06:10 AM IST
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Lumpi vaccination will start from villages adjacent to Nepal
बरेली। गाय-भैंस को जानलेवा लंपी स्किन डिजीज से बचाने के लिए विकसित लंपी प्रो वैक टीके का फील्ड परीक्षण जारी है। सालभर में परीक्षण के पूरा होने की उम्मीद है। सकारात्मक परिणाम मिलने पर नेपाल सीमा से सटे गांवों के पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। बृहस्पतिवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के निदेशक डाॅ. नवीन कुमार ने यह जानकारी दी।
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दुग्ध विकास, पशुधन एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के 1.9 करोड़ पशुओं का टीकाकरण होना है। नेपाल से सटे गांव के अलावा अन्य किन क्षेत्रों में टीकाकरण होना है, इसकी रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, बाजार में उपलब्धता पर भी चर्चा की। संस्थान के पीएमई सेल प्रभारी डाॅ. जी. साईं कुमार ने सुझाव दिया कि जब तक वैक्सीन का परीक्षण पूरा न हो जाए, तब तक गोट पॉक्स वैक्सीन का प्रयोग जारी रखा जाए।
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विकसित 88 में से 46 तकनीकी का हुआ हस्तांतरण
संस्थान निदेशक डाॅ. त्रिवेणी दत्त ने प्रमुख सचिव को बताया कि आईवीआरआई में विकसित टीकों से पशुओं की चार घातक बीमारियों (रिंडरपेस्ट, डाउरीन, सीपीबीपी, अफ्रीकन हाॅर्स सिकनेस) का उन्मूलन हो चुका है। विकसित 88 में से 46 तकनीकों को 159 वाणिज्यिक घरानों को हस्तांतरित किया जा चुका है। संस्थान ने वृंदावनी गाय व लैंडरस सूअर की प्रजाति भी विकसित की है। रुहेलखंडी बकरी, सूकर की घुर्रा प्रजाति पंजीकृत कराई है। बैठक में डाॅ. गौरव शर्मा, डाॅ. एसके मेंदीरत्ता, डाॅ. रूपसी तिवारी, उप्र पशुपालन विभाग के अपर निदेशक द्वितीय डाॅ. मनोज अग्रवाल, डाॅ. पीएन सिंह, डाॅ. गोपेश श्रीवास्तव, डाॅ. एमआई खान समेत अन्य अफसर और वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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प्रोटीनयुक्त अंडे की मिठाई की प्रौद्योगिकी हस्तांतरित
फोटो
- मिठाई में 13 फीसदी प्रोटीन, फ्रिज में 10 दिन तक रहेगी सुरक्षित
बरेली। केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान की ओर से विकसित अंडे की मिठाई (कैरी स्वीट एग सॉसेज) की प्रौद्योगिकी इटावा की डम डम फूड लैब को हस्तांतरित की गई। संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार तिवारी और लैब संचालक मोहम्मद फाजिल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

संस्थान निदेशक के मुताबिक कैरी स्वीट एग सॉसेज एक तरह की अंडे की मिठाई है। इसमें बाजार में उपलब्ध दूसरे खाद्य उत्पादों से ज्यादा (करीब 13 फीसदी) प्रोटीन उपलब्ध है। इस मिठाई को 7-10 दिनों तक फ्रिज में सुरक्षित रखा जा सकता है। डॉ. तिवारी के मुताबिक तैयार हो रही प्रौद्योगिकी तेजी से हस्तांतरित की जा रही है। यहां प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संदीप सरन, पीएचटी प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. जयदीप रोकड़े व अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो
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