बसपा सुप्रीमो ने साधा कांग्रेस पर निशाना, बोलीं- 72 हजार रुपये देने से नहीं हटेगी गरीबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसपा सुप्रीमो मायावती के तेवर गुरुवार को कुछ बदले से नजर आए। गठबंधन प्रत्याशी अमरचंद्र जौहर के समर्थन में चुनावी जनसभा के दौरान उन्होंने भाजपा के चौकीदारों पर तो तंज कसा ही, लेकिन उनके संबोधन में कांग्रेस मुख्य निशाने पर रही। कांग्रेस के अति गरीबों को 72 हजार रुपये देने के वादे पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि रुपये बांटना किसी समस्या का हल नहीं है। समस्या का हल गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों को काम देने से निकलेगा। केंद्र में यदि उनकी सरकार बनती है तो सरकारी और गैर सरकारी सेक्टर में स्थाई रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी।
बरेली मोड़ पर हुई चुनावी सभा में मायावती ने कहा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस ने सर्वाधिक शासन किया, लेकिन अपने गलत निर्णयों और कार्यों के कारण वह अलग-थलग पड़ी हुई है। कांग्रेस के राज में गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों को परेशान किया गया। किसान भी परेशान रहा। बेरोजगारी दूर करने के लिए प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के शासन में आरक्षण व्यवस्था से भी खिलवाड़ किया गया। जब बसपा ने इसका जमकर विरोध किया तो अब प्रधानमंत्री मोदी कहते घूम रहे हैं कि आरक्षण कभी खत्म नहीं किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा से उन्होंने गठबंधन इसलिए किया है ताकि सभी को साथ लेकर चला जा सके। बोलीं-भाजपा के सभी छोटे-बड़े चौकीदारों ने देश की जनता को गुमराह किया है। इस अवसर पर बसपा राज्यसभा सांसद एवं महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, युवा नेता आकाश, राज्यसभा सदस्य वीर सिंह, विधायक शरदवीर सिंह, एमएलसी अमित यादव रिंकू, संजय कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।