फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Lockers abandoned during the coronavirus pandemic are now untraceable.

Bareilly News: कोरोना महामारी के दौरान छोड़े लॉकर, अब ढूंढ़े नहीं मिल रहे

Sun, 09 Nov 2025 02:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Nov 2025 02:28 AM IST
विज्ञापन
Lockers abandoned during the coronavirus pandemic are now untraceable.
जिले की सभी बैंक शाखाओं में मौजूद हैं करीब 35 हजार लॉकर
विज्ञापन

बरेली। कोरोना महामारी के दौरान लोगों ने अपने बैंक लॉकर को खाली कर दिया। बेवजह किराया न देना पड़े, इसके लिए ज्यादातर ग्राहकों ने बैंक में आवेदन कर लॉकर को बंद करा दिया। अब लोगों को बैंक लॉकर ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। लॉकर के लिए ग्राहकों को महीनाें इंतजार करना पड़ रहा है।
जेवर समेत अन्य कीमती सामान व दस्तावेज रखने के लिए बैंक लॉकर को सबसे सुरक्षित माना जाता है। बैंक एसोसिएशन के मुताबिक, कोरोना काल में शहरवासियों ने बैंकों के लॉकर लेना कम कर दिया था। अधिकतर बैंकों के लॉकर खाली हो गए थे। बैंक की ओर से अच्छे ग्राहकों को लॉकर लेने के लिए फोन कॉल की जा रही थी, लेकिन कोरोना के भय से लोग हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। तब जिले के करीब 40 फीसदी लॉकर खाली हो गए थे।
विज्ञापन

महामारी के बाद हालात सुधरे। 10 जून 2023 को देश को कोरोना मुक्त घोषित कर दिया गया। इसके बाद बैंकों के लाॅकर पर फिर लोगों का भरोसा बढ़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियन के अध्यक्ष पीके माहेश्वरी ने बताया कि जिले में करीब 35 हजार लॉकर मौजूद हैं, लेकिन इनमें से 90 फीसदी से अधिक लॉकर भरे हुए चल रहे हैं। बैंक की मुख्य शाखाओं में लॉकर के लिए आवेदन लंबित पड़े हैं। उपलब्धता न होने से ग्राहकों को लॉकर नहीं मिल पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के उप महामंत्री नवींद्र कुमार ने बताया कि स्टेट बैंक की जिलेभर की शाखाओं में कुल सात हजार लाॅकर हैं। इनमें से करीब 800 लाॅकर अभी खाली हैं। हालांकि शहर की कई शाखाओं में लॉकर खाली नहीं हैं। राजेंद्रनगर के व्यापारी मनोज ने बताया कि उन्होंने एक बैंक में तीन माह पहले लॉकर के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।

नियमों में बदलाव के बाद कम आ रहे आवेदन
लॉकर को लेकर आरबीआई ने कुछ दिन पहले नियमों में बदलाव किया है। इसमें केवाईसी की प्रमुखता, ग्राहक का बैंक में तीन वर्ष से बचत या चालू खाते की अनिवार्यता, खाते में पिछले एक साल में औसत शेष राशि इतनी हो कि वह दो साल के किराये को कवर कर सके समेत अन्य कई शर्तें जोड़ी गई हैं। इसके बाद ग्राहक बैंक लॉकर को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। आवेदन भी कम आ रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed