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100 करोड़ टैक्स चोरी में अब शराब कारोबारी मनोज का नाम भी शामिल
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टैक्स
- फोटो : pixabay
बरेली में पकड़ी गई एक ट्रक शराब के तार जुड़े मिले टपरी डिस्टलरी से
इसके बाद ही सीज किए गए थे मनोज जायसवाल के बार, फिर हुए बंद
बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में पकड़ी गई 100 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में अब शराब कारोबारी मनोज जायसवाल का नाम भी शामिल कर लिया गया है। मनोज के खिलाफ बारादरी थाने में एक मुकदमा पहले से दर्ज है। इसकी जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी को जांच में पता चला कि बरेली में पकड़ी गई शराब टपरी डिस्टलरी की थी। जांच पड़ताल में अहम सुबूत मिले इसके बाद मनोज को अब 100 करोड़ के टैक्स चोरी वाले मुकदमे में में भी वांछित कर दिया गया है। बता दें कि इस मामले की शासन से सीधे मॉनीटिरिंग हो रही है।
एसटीएफ ने तीन मार्च को एसटीएफ की टीम ने सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में छापा मारा था। छापे के दौरान यहां करीब सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। जांच में पता चला था कि एक ही टैक्स इनवॉयस और गेटपास पर दो गाड़ियां निकाली जा रही थीं। आबकारी विभाग के स्थानीय अधिकारी भी इसमें शामिल थे। अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी ने अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई की थी। कई आबकारी इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया था। इस मामले में शराब कारोबारी अजय जायसवाल का नाम भी सामने आया।
एसआईटी ने अजय जायसवाल के उन्नाव, कानपुर के गोदाम सीज कर दिए। टपरी डिस्टलरी में छापे के ठीक 20 दिन बाद बरेली में एक ट्रक शराब पकड़ी गई। ट्रक चालक ने बताया कि शराब कारोबारी मनोज जायसवाल ने ट्रक मंगवाया था। मनोज जायसवाल अजय जायसवाल का रिश्तेदार है। मामला शासन तक पहुंचा तो बारादरी थाने में दर्ज मुकदमे की जांच एसआईटी को सौंप दी गई। इसके साथ ही मनोज के 21 डाउन-टाउन और तमाशा बार को सील कर दिया गया। बीते दिनों आबकारी विभाग की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश के बाद यह बार फिर खोल दिए गए। शासन तक यह बात पहुंची तब एक बार फिर 30 नवंबर को दोनों बार के लाइसेंस निलंबित करते हुए उन्हें बंद करवा दिया गया।
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इधर, एसआईटी ने भी बरेली में बरामद शराब के ट्रक के मामले में जांच तेज कर दी। जांच में पता चला ट्रक में जो शराब थी वह टपरी डिस्टलरी से ही लाई गई थी। मतलब साफ था मनोज जायसवाल के तार टपरी डिस्टलरी से जुड़े थे। इसके बाद टपरी डिस्टलरी वाले मुकदमे में मनोज जायसवाल का नाम भी शामिल कर लिया गया। एसआईटी शराब कारोबारी मनोज की तलाश में जुटी है।
सरेंडर नहीं करता प्रणय तो दिल्ली की आलीशान कोठी पर चल जाता बुलडोजर
इन दिनों योगी सरकार के बुलडोजर की धमकी दिल्ली तक है। 100 करोड़ की टैक्स चोरी और एक गेटपास पर शराब के दो ट्रकों को बाहर निकालने के मामले में एसआईटी को डिस्टलरी के मालिक प्रणय अनेजा की तलाश थी। काफी प्रयास के बाद भी जब प्रणय अनेजा नहीं मिला तो 26 नवंबर को एसआईटी की टीम जेसीबी लेकर दिल्ली की तरफ निकल पड़ी। टीम मथुरा पार कर गई थी, जैसे ही यह बात प्रणय अनेजा को पता चली तो उसने लखनऊ पहुंचकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट से उसकी जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है। बताते हैं कि अगर प्रणय सरेंडर नहीं करता तो उसी दिन एसआईटी दिल्ली के मालवीय नगर थानाक्षेत्र के स्वामीनगर में स्थित अनेजा के मकान को ढहा देती। प्रणय अनेजा का बरेली और बदायूं में भी कारोबार है।
शराब माफियाओं के खिलाफ एक बार फिर एक्शन में योगी सरकार
टपरी डिस्टलरी मामले में प्रणय अनेजा के जेल जाने के साथ ही योगी सरकार के मंसूबे साफ नजर आ रहे हैं। टपरी मामले में छापे के बाद कानपुर, बदायूं, बरेली, उन्नाव समेत कई जिलों में शराब कारोबारियों के यहां छापे पड़े थे। लेकिन तब किसी शराब कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। प्रणय अनेजा की गिनती प्रदेश के बड़े कारोबारियों में होती है। प्रणय को जिस तरह से सरेंडर करना पड़ा उसे देखकर कहा जा रहा है कि एक बार फिर योगी सरकार शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने जा रही है। प्रणय की गिरफ्तारी के बाद अब अब मनोज व अजय जायसवाल पर भी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
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इसके बाद ही सीज किए गए थे मनोज जायसवाल के बार, फिर हुए बंद
बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में पकड़ी गई 100 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में अब शराब कारोबारी मनोज जायसवाल का नाम भी शामिल कर लिया गया है। मनोज के खिलाफ बारादरी थाने में एक मुकदमा पहले से दर्ज है। इसकी जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी को जांच में पता चला कि बरेली में पकड़ी गई शराब टपरी डिस्टलरी की थी। जांच पड़ताल में अहम सुबूत मिले इसके बाद मनोज को अब 100 करोड़ के टैक्स चोरी वाले मुकदमे में में भी वांछित कर दिया गया है। बता दें कि इस मामले की शासन से सीधे मॉनीटिरिंग हो रही है।
एसटीएफ ने तीन मार्च को एसटीएफ की टीम ने सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में छापा मारा था। छापे के दौरान यहां करीब सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। जांच में पता चला था कि एक ही टैक्स इनवॉयस और गेटपास पर दो गाड़ियां निकाली जा रही थीं। आबकारी विभाग के स्थानीय अधिकारी भी इसमें शामिल थे। अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी ने अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई की थी। कई आबकारी इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया था। इस मामले में शराब कारोबारी अजय जायसवाल का नाम भी सामने आया।
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एसआईटी ने अजय जायसवाल के उन्नाव, कानपुर के गोदाम सीज कर दिए। टपरी डिस्टलरी में छापे के ठीक 20 दिन बाद बरेली में एक ट्रक शराब पकड़ी गई। ट्रक चालक ने बताया कि शराब कारोबारी मनोज जायसवाल ने ट्रक मंगवाया था। मनोज जायसवाल अजय जायसवाल का रिश्तेदार है। मामला शासन तक पहुंचा तो बारादरी थाने में दर्ज मुकदमे की जांच एसआईटी को सौंप दी गई। इसके साथ ही मनोज के 21 डाउन-टाउन और तमाशा बार को सील कर दिया गया। बीते दिनों आबकारी विभाग की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश के बाद यह बार फिर खोल दिए गए। शासन तक यह बात पहुंची तब एक बार फिर 30 नवंबर को दोनों बार के लाइसेंस निलंबित करते हुए उन्हें बंद करवा दिया गया।
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इधर, एसआईटी ने भी बरेली में बरामद शराब के ट्रक के मामले में जांच तेज कर दी। जांच में पता चला ट्रक में जो शराब थी वह टपरी डिस्टलरी से ही लाई गई थी। मतलब साफ था मनोज जायसवाल के तार टपरी डिस्टलरी से जुड़े थे। इसके बाद टपरी डिस्टलरी वाले मुकदमे में मनोज जायसवाल का नाम भी शामिल कर लिया गया। एसआईटी शराब कारोबारी मनोज की तलाश में जुटी है।
सरेंडर नहीं करता प्रणय तो दिल्ली की आलीशान कोठी पर चल जाता बुलडोजर
इन दिनों योगी सरकार के बुलडोजर की धमकी दिल्ली तक है। 100 करोड़ की टैक्स चोरी और एक गेटपास पर शराब के दो ट्रकों को बाहर निकालने के मामले में एसआईटी को डिस्टलरी के मालिक प्रणय अनेजा की तलाश थी। काफी प्रयास के बाद भी जब प्रणय अनेजा नहीं मिला तो 26 नवंबर को एसआईटी की टीम जेसीबी लेकर दिल्ली की तरफ निकल पड़ी। टीम मथुरा पार कर गई थी, जैसे ही यह बात प्रणय अनेजा को पता चली तो उसने लखनऊ पहुंचकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट से उसकी जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है। बताते हैं कि अगर प्रणय सरेंडर नहीं करता तो उसी दिन एसआईटी दिल्ली के मालवीय नगर थानाक्षेत्र के स्वामीनगर में स्थित अनेजा के मकान को ढहा देती। प्रणय अनेजा का बरेली और बदायूं में भी कारोबार है।
शराब माफियाओं के खिलाफ एक बार फिर एक्शन में योगी सरकार
टपरी डिस्टलरी मामले में प्रणय अनेजा के जेल जाने के साथ ही योगी सरकार के मंसूबे साफ नजर आ रहे हैं। टपरी मामले में छापे के बाद कानपुर, बदायूं, बरेली, उन्नाव समेत कई जिलों में शराब कारोबारियों के यहां छापे पड़े थे। लेकिन तब किसी शराब कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। प्रणय अनेजा की गिनती प्रदेश के बड़े कारोबारियों में होती है। प्रणय को जिस तरह से सरेंडर करना पड़ा उसे देखकर कहा जा रहा है कि एक बार फिर योगी सरकार शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने जा रही है। प्रणय की गिरफ्तारी के बाद अब अब मनोज व अजय जायसवाल पर भी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।