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Bareilly News: रोशनी निगल रही बजट, अंधेरा मुंह बाए खड़ा

Thu, 08 Oct 2026 02:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:48 AM IST
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Lighting is devouring the budget, while darkness looms with gaping jaws.
बरेली। नगर निगम रोशनी पर बजट लुटा रहा है, लेकिन अंधेरा साथ नहीं छोड़ रहा। शहर में 70 हजार स्ट्रीट लाइटें लगीं हैं और रोज औसतन 60 स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायतें आती हैं। निगम हर साल 20 हजार स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का ठेका देता है। इस पर 42 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। छह साल से एक ही कंपनी को ठेका दिया जा रहा है। इसके बावजूद वार्डों के ज्यादातर रास्ते रोशन नहीं हो पा रहे हैं। मुख्य सड़कों पर लगी लाइटें भी बंद पड़ीं हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
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शहर की मुख्य सड़कों को रोशन करने के लिए डिवाइडरों पर पांच हजार लाइटें लगीं हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 5,600 फैंसी लाइटें भी लगीं हैं। वार्डों में 60 हजार स्ट्रीट लाइटें लगीं हैं। इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी बीना इलेक्टि्रकल इंटरप्राइजेज को दी गई है। हर साल 20 हजार लाइटों की मरम्मत के लिए नगर निगम की ओर से 42 लाख का भुगतान किया जाता है।
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इतनी व्यवस्था के बावजूद शहर में लगीं सैकड़ों लाइटें बंद पड़ीं हैं। कांकरटोला से गौसिया मस्जिद होते हुए नवाब कोठी के कोने तक 20 लाइटें डेढ़ माह से बंद हैं। खैराती बाग मार्ग पर लगीं 10 लाइटें दो माह से खराब हैं। सकैलननगर वाली गली में छह माह पहले खंभे लगा दिए गए, पर स्ट्रीट लाइटें अब तक नहीं लगाई गईं। शाहदाना से कोर्ट कब्रिस्तान तक की 10 लाइटें एक माह से खराब हैं। संजयनगर, जोगी नवादा, छोटी विहार, शास्त्रीनगर, संजय विहार में भी ऐसी ही स्थिति है। रामपुर, शाहजहांपुर व पीलीभीत मार्ग, चौपुला से पटेल चौक मार्ग, मालियों की पुलिया से ईसाइयों की पुलिया, 300 बेड अस्पताल मार्ग पर कई लाइटें बंद हैं। सीसीएमएस से संचालित होती हैं लाइटें : मुख्य मार्गों की स्ट्रीट लाइटें सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनीटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) से संचालित होती हैं। यानी ये स्वचालित रूप से शाम को चालू व सुबह बंद हो जाती हैं। वार्डों में लगी स्ट्रीट लाइटों को चालू-बंद करने के लिए स्विच लगाए गए हैं। स्थानीय लोग इनको चालू व बंद करते हैं। तकनीकी खामी आने पर ये दिनभर जलती रहती हैं। इसको नियंत्रित करने के लिए नगर निगम की तरफ से कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। ब्यूरो
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