Bareilly News: आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद की सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और डीएनए जांच में मासूम से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अरबाज को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
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बरेली में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म में दोषी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट उमाशंकर कहार ने उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी को दोषी साबित करने में पीड़िता के बयान के अलावा मेडिकल और डीएनए जांच रिपोर्ट अहम रही। पीड़िता के कपड़ों के अलावा शरीर से लिए गए नमूनों से आरोपी अरबाज का डीएनए मिलान कर गया।
घटना भाजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। आठ साल की बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि छह जून 2019 को वह घर पर नहीं था। जरूरी काम से गया हुआ था। घर पर उसकी पत्नी और बच्चे थे। दोपहर के समय उसकी आठ साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी।
इसी दौरान गांव का ही अरबाज उसे बहला-फुसला तक पांस कब्रिस्तान में ले गया। कब्रिस्तान में बेटी के साथ दुष्कर्म किया। उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। किसी तरह कपड़ा निकालने के बाद बच्ची चीखी तो गांव के कुछ लोग पहुंच गए। अरबाज बेटी को धमकी देते हुए भाग गया कि किसी को बताया तो जान से मार दूंगा।
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पुलिस ने विवेचना के बाद 21 अगस्त 2019 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में 10 गवाह और 14 साक्ष्य पेश किए गए। मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया था कि पीड़िता के नाजुक अंग में जख्म थे। डीएनए जांच में भी अरवाज का डीएनए मिलान हो गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अरबाज को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
पाक्सो एक्ट में दोषी को 20 साल कैद, 25 हजार रुपये जुर्माना
अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कुमार मयंक ने किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरे समुदाय का युवक गांव की ही 16 साल की किशोरी को बहला-फुसला कर ले गया था। किशोरी कई दिन बाद मिली थी।
मीरगंज थाने के एक गांव के व्यक्ति ने 30 मई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि गांव का ही नदीम तड़के उसके घर से उसकी 16 साल की बेटी को बहला-फुसला कर अगवा कर ले गया। इसके बाद कई दिन उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के कई दिन बाद वह मिल सकी। पुलिस ने मामले में विवेचना के बाद 25 अगस्त 2024 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने भी दो गवाह पेश किए। पीड़िता सुनवाई के अंत तक बयान पर कायम रही। दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने नदीम को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।