Bareilly News: बिस्तर में लगी आग, जिंदा जल गया चकबंदी लेखपाल, कमजोरी इतनी कि उठकर भाग न सका
कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि पड़ोसियों के मुताबिक अजय वीर सिंह अत्यधिक शराब और बीड़ी-सिगरेट पीने के आदती थे। वह शरीर से काफी कमजोर हो चुके थे।
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बरेली सदर तहसील में तैनात बिजनौर निवासी चकबंदी लेखपाल अजयवीर सिंह की हॉस्टल के कमरे में बिस्तर पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। बिस्तर पर बीड़ी गिरने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने पत्नी से अनबन की बात कहकर आरोप लगाया है। वहीं, शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने बेटे को शव सौंप दिया।
बिजनौर जिले के थाना नगीना अंतर्गत गांव टांडा माइदास निवासी चकबंदी लेखपाल अजयवीर सिंह (52) कई साल से बरेली में तैनात थे। वह सिविल लाइंस स्थित गायत्री पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहते थे। पीजी कर्मचारियों के मुताबिक अजयवीर सिंह के कमरे से बृहस्पतिवार रात धुआं उठा तो आसपास के दूसरे किरायेदारों को दिक्कत हुई। देखा तो कमरे में आग लगी थी। लोगों ने दरवाजा खोलकर आग बुझाने की कोशिश की। सूचना पर कोतवाल अमित पांडेय व फायर स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। आग बुझाने पर देखा गया तो बिस्तर पर ही अजयवीर की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी।
भाई ने लेखपाल की पत्नी पर लगाया उपेक्षा का आरोप
शुक्रवार को लेखपाल के भाई जयवीर सिंह व अन्य परिजन बिजनौर से पोस्टमॉर्टम हाउस पर आ गए। उन्होंने बताया कि भाई अजयवीर सिंह छह साल से बरेली में तैनात थे। उनका पत्नी से विवाद रहता था। वर्ष 2017 में पत्नी अपने साथ बेटे को लेकर मायके चली गई थीं। उन्होंने पति सहित अन्य ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट करा दी थी। तलाक के संबंध में भी केस चल रहा था। इसी अवसाद में भाई नशा करने लगे थे। उन्होंने जलकर मौत के मामले में साजिश की आशंका जताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।
शाम को पहुंचे पत्नी-बेटा
कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि पड़ोसियों के मुताबिक अजय वीर सिंह अत्यधिक शराब और बीड़ी-सिगरेट पीने के आदती थे। वह शरीर से काफी कमजोर हो चुके थे। वह तीन महीने से चिकित्सकीय अवकाश पर थे। एक महिला उनका खाना बनाने आती थी और बंदरों की वजह से बाहर से दरवाजा भिड़ाकर चली जाती थी। कल भी वह खाना बनाकर गई थी। लग रहा है कि बीड़ी या सिगरेट की चिंगारी से बिस्तर ने आग पकड़ी होगी। नशे व कमजोरी की वजह से अजयवीर सिंह बिस्तर से नहीं उठ पाए होंगे। पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह भी आग से जलना ही आई है। चूंकि पत्नी से उनका वैध तरीके से तलाक नहीं हुआ है, उत्तराधिकारी के रूप में पत्नी व बेटे का नाम लिखा है तो शाम को उनकी पत्नी के साथ आए बालिग बेटे को शव सौंप दिया है।
लेखपाल की मौत आग से जलकर हुई है। जिस भवन में वह रहते थे, वहां कई और किरायेदार रहते हैं। किसी साजिश का कोई अंदेशा नहीं है। फिर भी कोई तहरीर मिलेगी तो पुलिस जांच कर लेगी। - मानुष पारीक, एसपी सिटी