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विधि छात्रा ने शिक्षक पर लगाया दुर्व्यवहार करने का आरोप
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बरेली। बरेली कॉलेज की विधि विभाग की एक छात्रा ने विभाग के ही एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। छात्रा का कहना है कि शिक्षक ने उसे प्रैक्टिकल में कम अंक दिए। शिकायत करने पर दुर्व्यवहार करते हुए चरित्र पर सवाल उठाए।
विधि विभाग द्वितीय वर्ष की छात्रा ने मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि एक शिक्षक उसे व्यक्तिगत तौर पर परेशान करते हैं। उन्होंने भेदभाव करते हुए उसे प्रैक्टिकल में सब से कम अंक दिए, जबकि कई ऐसी छात्राएं जो न कक्षा में उपस्थित होती हैं और न ही उन्होंने प्रैक्टिकल की फाइल जमा कीं, उन्हें अच्छे अंक दिए हैं। आरोप है कि आठ सितंबर को जब वह इसकी शिकायत करने गईं तो शिक्षक ने विधि विभाग के स्टाफ रूम में उनसे दुर्व्यवहार किया और चरित्र पर सवाल उठाते हुए चिल्लाकर बाहर निकाल दिया। छात्रा ने आयोग से अंक सही कराने और शिक्षक से माफी मंगवाने की मांग की है।
इधर, इस प्रकरण पर विधि विभाग के प्रभारी प्रो. प्रदीप जागर का कहना है कि संबंधित शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा में अंक दे ही नहीं सकते हैं, क्योंकि वह परीक्षक नहीं हैं। अंक आंतरिक और बाह्य परीक्षक मिलकर देेते हैं, इसलिए किसी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।
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विधि विभाग द्वितीय वर्ष की छात्रा ने मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि एक शिक्षक उसे व्यक्तिगत तौर पर परेशान करते हैं। उन्होंने भेदभाव करते हुए उसे प्रैक्टिकल में सब से कम अंक दिए, जबकि कई ऐसी छात्राएं जो न कक्षा में उपस्थित होती हैं और न ही उन्होंने प्रैक्टिकल की फाइल जमा कीं, उन्हें अच्छे अंक दिए हैं। आरोप है कि आठ सितंबर को जब वह इसकी शिकायत करने गईं तो शिक्षक ने विधि विभाग के स्टाफ रूम में उनसे दुर्व्यवहार किया और चरित्र पर सवाल उठाते हुए चिल्लाकर बाहर निकाल दिया। छात्रा ने आयोग से अंक सही कराने और शिक्षक से माफी मंगवाने की मांग की है।
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इधर, इस प्रकरण पर विधि विभाग के प्रभारी प्रो. प्रदीप जागर का कहना है कि संबंधित शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा में अंक दे ही नहीं सकते हैं, क्योंकि वह परीक्षक नहीं हैं। अंक आंतरिक और बाह्य परीक्षक मिलकर देेते हैं, इसलिए किसी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।
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