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Bareilly News: दरोगा पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद किया अंतिम संस्कार
Mon, 09 Oct 2023 01:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 09 Oct 2023 01:44 AM IST
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फरीदपुर। 12 दिन से लापता धौरेरा गांव निवासी राजेंद्र (30) का शव मिलने के बाद परिजन रविवार को भी कार्रवाई की मांग पर डटे रहे। दोपहर बाद हल्का दरोगा पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अंतिम संस्कार किया।
राजेंद्र 26 सितंबर को सुबह सात बजे मजदूरी करने बाइक से फरीदपुर गए थे। शाम को वह साथियों के साथ नगर की एक दुकान पर शराब लेने गए। वहां से लापता हो गए। शनिवार को बरेली के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अज्ञात युवक की मौत के बाद जब सभी थानों में पहचान के लिए फोटो भेजा गया तो शव की पहचान राजेंद्र के तौर पर हुई।
पोस्टमार्टम के बाद रात में शव लेकर घर पहुंचे परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। देर रात तक सीओ सहित अन्य अधिकारी गांव में डटे रहे मगर परिजन नहीं माने। परिजनों का आरोप था कि पुलिस की ढिलाई की वजह से राजेंद्र की जान गई है अगर ठीक से पुलिस तलाश करती तो राजेंद्र पहले ही मिल जाते। वह लोग सही इलाज करा लेते। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय दरोगा ने भी राजेंद्र को खोजने में कोई मदद नहीं की।
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रविवार को भी परिजन मुआवजा और क्षेत्रीय दरोगा पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। एसपी ग्रामीण मुकेश मिश्रा ने कॉल करके परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद वह माने।
दो आरोपी हिरासत में
हंगामे को देखते हुए एसपी ग्रामीण सुबह ही फरीदपुर थाने पहुंच गए। वह यहां से पल-पल की जानकारी लेते रहे। पुलिस ने दो आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि राजेंद्र को घायल अवस्था में निजी एंबुलेंस चालक ने बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। आरोपी चालक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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राजेंद्र 26 सितंबर को सुबह सात बजे मजदूरी करने बाइक से फरीदपुर गए थे। शाम को वह साथियों के साथ नगर की एक दुकान पर शराब लेने गए। वहां से लापता हो गए। शनिवार को बरेली के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अज्ञात युवक की मौत के बाद जब सभी थानों में पहचान के लिए फोटो भेजा गया तो शव की पहचान राजेंद्र के तौर पर हुई।
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पोस्टमार्टम के बाद रात में शव लेकर घर पहुंचे परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। देर रात तक सीओ सहित अन्य अधिकारी गांव में डटे रहे मगर परिजन नहीं माने। परिजनों का आरोप था कि पुलिस की ढिलाई की वजह से राजेंद्र की जान गई है अगर ठीक से पुलिस तलाश करती तो राजेंद्र पहले ही मिल जाते। वह लोग सही इलाज करा लेते। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय दरोगा ने भी राजेंद्र को खोजने में कोई मदद नहीं की।
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रविवार को भी परिजन मुआवजा और क्षेत्रीय दरोगा पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। एसपी ग्रामीण मुकेश मिश्रा ने कॉल करके परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद वह माने।
दो आरोपी हिरासत में
हंगामे को देखते हुए एसपी ग्रामीण सुबह ही फरीदपुर थाने पहुंच गए। वह यहां से पल-पल की जानकारी लेते रहे। पुलिस ने दो आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि राजेंद्र को घायल अवस्था में निजी एंबुलेंस चालक ने बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। आरोपी चालक पर भी कार्रवाई की जाएगी।