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Bareilly News: तीर्थयात्रा पर गए किसान को मृत दिखाकर हड़पी जमीन, रिपोर्ट दर्ज
Tue, 18 Aug 2026 01:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:33 AM IST
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बरेली। तीर्थयात्रा पर गए करोड़पति किसान को मृत दर्शाकर उसकी जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। एसएसपी के आदेश पर तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत दस लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कैंट के बभिया गांव निवासी जानकी प्रसाद अविवाहित हैं। उनके पास करोड़ों रुपये की भूमि है। उन्होंने एसएसपी अनुराग आर्य को बताया कि कुछ समय पहले वह तीर्थयात्रा पर गए थे। गांव निवासी रामवती ने जमीन हड़पने के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान रामपाल से सांठगांठ कर ली। रामपाल ने जानकी प्रसाद का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिया।
इसके बाद रामवती ने चकबंदी सदस्य सुल्तान सिंह के साथ मिलकर खुद को जानकी प्रसाद की सगी बेटी दर्शाकर वारिस के तौर पर खतौनी में नाम दर्ज करा लिया। जानकी प्रसाद ने दलील दी कि उनका विवाह ही नहीं हुआ तो संतान का क्या औचित्य है? तब 2013 में महिला का फर्जी नामांतरण रद्द कर दिया गया।
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इससे पहले महिला ने इसी जमीन पर 60 हजार रुपये का लोन ले लिया। वर्ष 2025 में लोन की रकम बढ़कर 330000 रुपये हो गई है। इसके अलावा रामवती ने ओम प्रकाश, अजयपाल और विजेंद्र को इस जमीन का बैनामा कर दिया। इसमें लेखक राजकुमार सक्सेना और नितिन ने उसकी मदद की।
अजयपाल को पता चला कि रामवती ने फर्जी तरीके से और भी लोगों को जमीन बेची है तो उसने वह जमीन फर्रुखाबाद के रामभजन को बेच दी। आरोप है कि इन लोगों ने खनन करवाकर जमीन को खराब कर दिया।
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कैंट के बभिया गांव निवासी जानकी प्रसाद अविवाहित हैं। उनके पास करोड़ों रुपये की भूमि है। उन्होंने एसएसपी अनुराग आर्य को बताया कि कुछ समय पहले वह तीर्थयात्रा पर गए थे। गांव निवासी रामवती ने जमीन हड़पने के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान रामपाल से सांठगांठ कर ली। रामपाल ने जानकी प्रसाद का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिया।
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इसके बाद रामवती ने चकबंदी सदस्य सुल्तान सिंह के साथ मिलकर खुद को जानकी प्रसाद की सगी बेटी दर्शाकर वारिस के तौर पर खतौनी में नाम दर्ज करा लिया। जानकी प्रसाद ने दलील दी कि उनका विवाह ही नहीं हुआ तो संतान का क्या औचित्य है? तब 2013 में महिला का फर्जी नामांतरण रद्द कर दिया गया।
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इससे पहले महिला ने इसी जमीन पर 60 हजार रुपये का लोन ले लिया। वर्ष 2025 में लोन की रकम बढ़कर 330000 रुपये हो गई है। इसके अलावा रामवती ने ओम प्रकाश, अजयपाल और विजेंद्र को इस जमीन का बैनामा कर दिया। इसमें लेखक राजकुमार सक्सेना और नितिन ने उसकी मदद की।
अजयपाल को पता चला कि रामवती ने फर्जी तरीके से और भी लोगों को जमीन बेची है तो उसने वह जमीन फर्रुखाबाद के रामभजन को बेच दी। आरोप है कि इन लोगों ने खनन करवाकर जमीन को खराब कर दिया।