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Pilibhit News: पीलीभीत की मतदाता सूची में गड़बड़ी पर दो एसडीएम हटाए, गहन जांच शुरू

Thu, 22 Oct 2026 12:20 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 22 Oct 2026 12:20 AM IST
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Two SDMs removed over irregularities in Pilibhit's electoral roll; in-depth investigation initiated
लखनऊ/पीलीभीत। पीलीभीत की सदर विधानसभा सीट (127) की मतदाता सूची में गड़बड़ी के विपक्ष के आरोपों की प्राथमिक जांच में पुष्टि हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के निर्देश पर जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए जाने पर आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू की गई है।
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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ईआरओ (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) के पद पर तैनात रहे पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी को गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। वहीं, वीआरसी के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची की त्रुटियों को तत्काल ठीक करने और दोनों प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव कार्य से तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। आयोग की सख्ती के बाद अब दोनों एसडीएम के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। इस मामले में डाॅटा ऑपरेटर सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद कई और अधिकारियों के कार्रवाई के दायरे में आने की बात कही जा रही है।
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फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद बदला गया

प्रदेश कांग्रेस ने एसआईआर के तहत मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बुधवार को प्रदेश मुख्यालय में प्रेसवार्ता की थी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पीलीभीत में 13,150 मतदाताओं के नाम फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद बदलने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि पार्टी इस मामले में विधिक राय लेकर न्यायालय भी जाएगी। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि 10 अप्रैल को उप्र में एसआईआर का फाइनल ड्राफ्ट जारी हुआ।

n फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद वोटर यह आश्वस्त हो जाता है कि उसका सीरियल नंबर, नाम, पता, एपिक नंबर और नाम की स्पेलिंग सही है। किंतु जुलाई से सितंबर के बीच विधानसभा क्षेत्र नंबर 127-पीलीभीत सदर में 13150 मतदाताओं के एपिक नंबर और सीरियल नंबर वही रहते हुए अंदर से नाम बदल दिए गए। यानी वोटर को पता ही नहीं चला कि उसके रिकॉर्ड में बदलाव हो चुका है।

884 ऐसे मतदाताओं के नाम हटा दिए गए जो अभी भी वहां मौजूद हैं और उन्होंने आवेदन देकर बताया कि वे वहीं रहते हैं। 2600 ऐसे वोटर जोड़े गए, जो मौके पर रहते ही नहीं हैं। इस तरह एक विधानसभा में कुल 16554 वोटों का खेल सामने आया है।



मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जल्द मांगी रिपोर्ट : मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम आलोक कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। सीईओ ने यथाशीघ्र रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सपा ने सोमवार को इस मामले में ज्ञापन दिया था। बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद़्दे को उठाया।







मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया की जांच कराई जा रही है। संबंधित तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि नियमों का पालन हुआ या नहीं। लापरवाही और अनदेखी पर दो ईआरओ (एसडीएम) के खिलाफ कार्रवाई की गई है और उन्हें मुख्यालय से अटैच किया गया है। - आलोक कुमार, जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम पीलीभीत
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