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इन बरेली के ‘आम्रपाली’ का क्या होगा
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बरेली। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के रेरा के तहत पंजीकरण रद्द कर दिए हैं और उसके 42 हजार फ्लैट खरीदारों को राहत देते हुए रिसीवर नियुक्त कर दिया है। मगर बीडीए की मिलीभगत से यहां के आम्रपाली जैसे दर्जन भर बिल्डर मकान की उम्मीद में हजारों लोगों को लटकाए हुए हैं।
शहर के चारों ओर अवैध कालोनियों का जाल बन गया है। नेशनल हाइवे हो या बदायूं रोड, कोई इलाका ऐसा नहीं है जहां अवैध कालोनियों की लाइन न लगी हो। कई कालोनियां तो ऐसे बिल्डरों ने खड़ी की हैं, जिनका रेरा में पंजीकरण ही नहीं है। मगर बीडीए आंखें बंद करके बैठा है। इसके चलते ही यहां के हजारों निवेशकों का करोड़ों रुपया करीब दर्जन भर बिल्डरों के पास फंसा है, किसी को रुपये देने के बावजूद प्लाट नहीं मिला है और किसी को प्लाट मिला है तो मकान नहीं बनाया गया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के आम्रपाली ग्रुप पर तो कार्रवाई हो गई, मगर यहां के ‘आम्रपाली’ पर अब तक कार्रवाई की नौबत नहीं आई है।
कोई बनाता कालोनी, बैनामा कोई कर रहा
बिना पंजीकरण कर कालोनी काटने वाले कुछ बिल्डर ने अलग ही खेल कर रखा है। यह बिल्डर जमीन पर प्लाट काटने के बाद भूमि स्वामी से ही खरीदार को सीधे बैनामा करा देते हैं। बिल्डर तो प्रत्यक्ष रूप से सीन में ही नहीं आता।
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मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में फंसे सैकड़ों खरीदार
बदायूं रोड पर एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का प्रोजेक्ट वर्ष 2016 में पूरा होना था। मगर बिल्डर ने अब तक खरीदारों को यहां पजेशन नहीं दिया है, जिसके चलते खरीदार परेशान हो रहे हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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शहर के चारों ओर अवैध कालोनियों का जाल बन गया है। नेशनल हाइवे हो या बदायूं रोड, कोई इलाका ऐसा नहीं है जहां अवैध कालोनियों की लाइन न लगी हो। कई कालोनियां तो ऐसे बिल्डरों ने खड़ी की हैं, जिनका रेरा में पंजीकरण ही नहीं है। मगर बीडीए आंखें बंद करके बैठा है। इसके चलते ही यहां के हजारों निवेशकों का करोड़ों रुपया करीब दर्जन भर बिल्डरों के पास फंसा है, किसी को रुपये देने के बावजूद प्लाट नहीं मिला है और किसी को प्लाट मिला है तो मकान नहीं बनाया गया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के आम्रपाली ग्रुप पर तो कार्रवाई हो गई, मगर यहां के ‘आम्रपाली’ पर अब तक कार्रवाई की नौबत नहीं आई है।
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कोई बनाता कालोनी, बैनामा कोई कर रहा
बिना पंजीकरण कर कालोनी काटने वाले कुछ बिल्डर ने अलग ही खेल कर रखा है। यह बिल्डर जमीन पर प्लाट काटने के बाद भूमि स्वामी से ही खरीदार को सीधे बैनामा करा देते हैं। बिल्डर तो प्रत्यक्ष रूप से सीन में ही नहीं आता।
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मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में फंसे सैकड़ों खरीदार
बदायूं रोड पर एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का प्रोजेक्ट वर्ष 2016 में पूरा होना था। मगर बिल्डर ने अब तक खरीदारों को यहां पजेशन नहीं दिया है, जिसके चलते खरीदार परेशान हो रहे हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।