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Bareilly News: चार गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण, बिना अनुमति खरीद-बिक्री पर रोक
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बरेली। वायुसेना स्टेशन के विस्तारीकरण की प्रक्रिया में चार गांवों की चिह्नित 93.798 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कवायद में अब जिला प्रशासन ने संबंधित भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। भू-स्वामी को जमीन का सौदा करना है तो तहसील से एनओसी लेनी होगी।
भारत-चीन सीमा के बेहद करीब स्थित बरेली के त्रिशूल एयरबेस के विस्तार पर रक्षा मंत्रालय की सहमति के बाद जिला प्रशासन, रक्षा संपदा कार्यालय और वायुसेना स्टेशन के अफसर सक्रिय हैं। पूर्व में हाजीपुर ब्रजलाल, नगरिया कला और भूड़ा के निवासियों की जमीन का अधिग्रहण प्रस्तावित था, लेकिन भारत सरकार के जारी गजट में त्रिशूल एयरबेस की बाउंड्री के सौ मीटर के दायरे में निर्माण, पेड़ आदि लगाना भी प्रतिबंधित कर दिया।
कंजादासपुर क्षेत्र जो शहर के बीच है, वहां भी 18.435 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई। यहां भी वायुसेना स्टेशन का विस्तार होना है। लेकिन अधिग्रहण में देरी से चारों गांवों के भू-स्वामी और वायुसेना स्टेशन के सौ मीटर के दायरे में आने वाले निवासी परिस्थिति का हवाला देकर भूमि के क्रय-विक्रय के संबंध में पत्राचार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति देखते हुए अब तहसील सदर की एनओसी पर ही विक्रय की सहमति दी गई।
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जल्द करें अधिग्रहण या समस्या का हो समाधान
ग्रामीणों ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय में पत्र भेजकर अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि वे छोटी जोत के किसान हैं। कई बार भूमि के क्रय-विक्रय की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में जल्द भूमि अधिग्रहण हो या वायुसेना अफसरों से समस्या का समाधान कराएं। मामले में रक्षा संपदा कार्यालय से अधिग्रहण संबंधी अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
रक्षा मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति लेने का सुझाव
पिछले माह रक्षा संपदा कार्यालय द्वारा वायुसेना के अफसरों को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण के लिए रक्षा मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति लेने का सुझाव दिया है। सदर तहसीलदार भानु प्रताप सिंह के मुताबिक पूर्व में चिह्नित भूमि की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। अगर भू-स्वामी को भूमि का क्रय-विक्रय करना है तो नियमानुसार तहसील से एनओसी लेनी होगी। एयरफोर्स स्टेशन की चहारदीवारी से सौ मीटर दायरे में निर्माण आदि कार्य प्रतिबंधित हैं। ब्यूरो
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भारत-चीन सीमा के बेहद करीब स्थित बरेली के त्रिशूल एयरबेस के विस्तार पर रक्षा मंत्रालय की सहमति के बाद जिला प्रशासन, रक्षा संपदा कार्यालय और वायुसेना स्टेशन के अफसर सक्रिय हैं। पूर्व में हाजीपुर ब्रजलाल, नगरिया कला और भूड़ा के निवासियों की जमीन का अधिग्रहण प्रस्तावित था, लेकिन भारत सरकार के जारी गजट में त्रिशूल एयरबेस की बाउंड्री के सौ मीटर के दायरे में निर्माण, पेड़ आदि लगाना भी प्रतिबंधित कर दिया।
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कंजादासपुर क्षेत्र जो शहर के बीच है, वहां भी 18.435 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई। यहां भी वायुसेना स्टेशन का विस्तार होना है। लेकिन अधिग्रहण में देरी से चारों गांवों के भू-स्वामी और वायुसेना स्टेशन के सौ मीटर के दायरे में आने वाले निवासी परिस्थिति का हवाला देकर भूमि के क्रय-विक्रय के संबंध में पत्राचार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति देखते हुए अब तहसील सदर की एनओसी पर ही विक्रय की सहमति दी गई।
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जल्द करें अधिग्रहण या समस्या का हो समाधान
ग्रामीणों ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय में पत्र भेजकर अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि वे छोटी जोत के किसान हैं। कई बार भूमि के क्रय-विक्रय की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में जल्द भूमि अधिग्रहण हो या वायुसेना अफसरों से समस्या का समाधान कराएं। मामले में रक्षा संपदा कार्यालय से अधिग्रहण संबंधी अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
रक्षा मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति लेने का सुझाव
पिछले माह रक्षा संपदा कार्यालय द्वारा वायुसेना के अफसरों को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण के लिए रक्षा मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति लेने का सुझाव दिया है। सदर तहसीलदार भानु प्रताप सिंह के मुताबिक पूर्व में चिह्नित भूमि की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। अगर भू-स्वामी को भूमि का क्रय-विक्रय करना है तो नियमानुसार तहसील से एनओसी लेनी होगी। एयरफोर्स स्टेशन की चहारदीवारी से सौ मीटर दायरे में निर्माण आदि कार्य प्रतिबंधित हैं। ब्यूरो