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Bareilly News: दिल्ली के होटल में बुलाकर ठगते थे भूमाफिया
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बरेली। जमीन की खरीद-फरोख्त के बहाने ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य अलग-अलग किरदार में संपन्न काश्तकारों को चूना लगाते थे। इनके प्रभाव के आगे स्थानीय पुलिस भी हमेशा नतमस्तक रही।
गिरोह के खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज होने के बाद सभी की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच के विवेचकों की टीम स्थलीय निरीक्षण कर रही है। साथ ही, बैंक खातों की डिटेल भी निकाली जा रही है। एक मामले के पीड़ित बानखाना निवासी मनोज शुक्ला के मुताबिक शेरगढ़ के करनपुर निवासी जयदीप मलिक को उन्होंने एक प्लॉट बेचा था। जयदीप के साथ अक्सर गजेंद्र नाम युवक आता था जो मीरगंज के हल्दी खुर्द गांव का निवासी है। गजेंद्र ने ही उन्हें रामपुर के बिलासपुर की एक जमीन को बिकवाने में मदद करने के बहाने फंसाया।
बताया कि दिल्ली के एक बड़े होटल के मालिक इस जमीन को खरीदना चाहते हैं। इसे बिकवाने पर मोटा कमीशन मिलेगा। फिर वह मनोज को दिल्ली एनसीआर के कौशांबी में होटल रेडिसन ब्लू ले गया। वहां एक शख्स होटल का मालिक कालीचरन गुप्ता बनकर उनसे मिला। उसने मीरगंज निवासी नन्हे यादव की जमीन 8.40 करोड़ में खरीदने की इच्छा जताई।
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गजेंद्र ने उसे बरगलाया कि होटल मालिक जमीन की कीमत का 25 फीसदी एडवांस देने के लिए तैयार है। इन्होंने नन्हे यादव से मिलकर बात की तो उसने अपनी जमीन की कीमत का 10 फीसदी एडवांस देने पर एग्रीमेंट लिखने की बात कही। एडवांस के रूप में 50 लाख रुपये के चेक व गजेंद्र ने बतौर कमीशन 14 लाख रुपये लिए।
ठगी के बाद पता लगा कि ये होटल मालिक कालीचरन गुप्ता वास्तव में मीरगंज के गांव का प्रधान महिपाल यादव है। उनके 64 लाख रुपये गिरोह ने यूं ही उड़ा दिए और शिकायत पर मीरगंज थाना प्रभारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
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गिरोह के खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज होने के बाद सभी की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच के विवेचकों की टीम स्थलीय निरीक्षण कर रही है। साथ ही, बैंक खातों की डिटेल भी निकाली जा रही है। एक मामले के पीड़ित बानखाना निवासी मनोज शुक्ला के मुताबिक शेरगढ़ के करनपुर निवासी जयदीप मलिक को उन्होंने एक प्लॉट बेचा था। जयदीप के साथ अक्सर गजेंद्र नाम युवक आता था जो मीरगंज के हल्दी खुर्द गांव का निवासी है। गजेंद्र ने ही उन्हें रामपुर के बिलासपुर की एक जमीन को बिकवाने में मदद करने के बहाने फंसाया।
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बताया कि दिल्ली के एक बड़े होटल के मालिक इस जमीन को खरीदना चाहते हैं। इसे बिकवाने पर मोटा कमीशन मिलेगा। फिर वह मनोज को दिल्ली एनसीआर के कौशांबी में होटल रेडिसन ब्लू ले गया। वहां एक शख्स होटल का मालिक कालीचरन गुप्ता बनकर उनसे मिला। उसने मीरगंज निवासी नन्हे यादव की जमीन 8.40 करोड़ में खरीदने की इच्छा जताई।
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गजेंद्र ने उसे बरगलाया कि होटल मालिक जमीन की कीमत का 25 फीसदी एडवांस देने के लिए तैयार है। इन्होंने नन्हे यादव से मिलकर बात की तो उसने अपनी जमीन की कीमत का 10 फीसदी एडवांस देने पर एग्रीमेंट लिखने की बात कही। एडवांस के रूप में 50 लाख रुपये के चेक व गजेंद्र ने बतौर कमीशन 14 लाख रुपये लिए।
ठगी के बाद पता लगा कि ये होटल मालिक कालीचरन गुप्ता वास्तव में मीरगंज के गांव का प्रधान महिपाल यादव है। उनके 64 लाख रुपये गिरोह ने यूं ही उड़ा दिए और शिकायत पर मीरगंज थाना प्रभारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।