{"_id":"6956e3bc80cd661466035a3a","slug":"land-could-not-be-arranged-in-bilwa-construction-of-wedding-hall-stuck-bareilly-news-c-4-vns1074-797865-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बिलवा में जमीन का नहीं हो पाया प्रबंध, बरातघर का निर्माण अटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बिलवा में जमीन का नहीं हो पाया प्रबंध, बरातघर का निर्माण अटका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौ बीघा जमीन पर बनना है बरातघर, पुलिस की मौजूदगी में हुई पैमाइश
बरेली। नौ बीघा जमीन पर बनने वाले बरातघर के लिए बिलवा ग्राम पंचायत में भूमि का प्रबंध नहीं हो पाया। इसके चलते निर्माण अटक गया है।
पूर्व में चिह्नित जमीन पर निर्माण शुरू कराने से पहले उसकी नापजोख के लिए बुधवार को राजस्व व पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी बिलवा पहुंचे थे। विरोध के चलते टीम को लौटना पड़ा। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार विदित कुमार के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे ही टीम बिलवा गांव पहुंच गई।
पुलिस को देखकर पैमाइश का कोई विरोध करने वाला नहीं आया। कानूनगो-लेखपालों ने ग्राम समाज की संपूर्ण जमीन की पैमाइश की और जेसीबी मशीन से गड्ढे कराकर चिह्नांकन कर लिया है।
नायब तहसीलदार ने बताया कि बरातघर के लिए पूर्व से जिस भूखंड (गाटा-379क रकबा 0.6020 हेक्टेयर) का प्रस्ताव ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंध समिति ने कर रखा है, वह जमीन जरूरत के हिसाब से कम है और बेलनाकार है। इसलिए यहां निर्माण नहीं हो सकता। संवाद
विज्ञापन
-- -
ग्राम समाज की जमीन पर खड़ी मिली गन्ने की फसल
बिलवा में सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान पता चला कि एक किसान बीते 25 साल से करीब नौ बीघे जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहा है। वर्तमान में यहां गन्ने की फसल खड़ी है। नायब तहसीलदार ने बताया कि जिस भूमि पर किसान ने गन्ने की फसल बो रखी है, उसमें कुछ हिस्सा ग्राम समाज का भी है। अवैध कब्जेदार को तत्काल कब्जा खाली करने का नोटिस दिया है।
-- -
बिलवा, मुड़िया हाफिज, खजुआ जागीर में स्वीकृत है बरातघर
डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि भोजीपुरा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतें बिलवा, मुड़िया हाफिज और खजुआ जागीर ने 14वां वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान से बेहतर विकास कार्य कराए थे। इसलिए इन गांवों को बरातघर की सुविधा देने के लिए परफार्मेंस ग्रांट के 3.41 करोड़ रुपये की दर से धनराशि मिली है। बरातघर बनाने के लिए शासन से टेंडर हो गए हैं।
--
बिलवा में बरातघर बनाने के लिए प्रधान-लेखपाल ने जमीन चिह्नित की थी, उनके प्रस्ताव पर ही शासन से डीपीआर स्वीकृत हुआ। किसी अन्य ग्राम पंचायत में बरातघर नहीं बन सकता है। अब इस मामले में डीएम-एसडीएम से मिलकर प्रकरण सुलझाएंगे।- कमल किशोर, डीपीआरओ
विज्ञापन
बरेली। नौ बीघा जमीन पर बनने वाले बरातघर के लिए बिलवा ग्राम पंचायत में भूमि का प्रबंध नहीं हो पाया। इसके चलते निर्माण अटक गया है।
पूर्व में चिह्नित जमीन पर निर्माण शुरू कराने से पहले उसकी नापजोख के लिए बुधवार को राजस्व व पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी बिलवा पहुंचे थे। विरोध के चलते टीम को लौटना पड़ा। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार विदित कुमार के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे ही टीम बिलवा गांव पहुंच गई।
पुलिस को देखकर पैमाइश का कोई विरोध करने वाला नहीं आया। कानूनगो-लेखपालों ने ग्राम समाज की संपूर्ण जमीन की पैमाइश की और जेसीबी मशीन से गड्ढे कराकर चिह्नांकन कर लिया है।
विज्ञापन
नायब तहसीलदार ने बताया कि बरातघर के लिए पूर्व से जिस भूखंड (गाटा-379क रकबा 0.6020 हेक्टेयर) का प्रस्ताव ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंध समिति ने कर रखा है, वह जमीन जरूरत के हिसाब से कम है और बेलनाकार है। इसलिए यहां निर्माण नहीं हो सकता। संवाद
विज्ञापन
ग्राम समाज की जमीन पर खड़ी मिली गन्ने की फसल
बिलवा में सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान पता चला कि एक किसान बीते 25 साल से करीब नौ बीघे जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहा है। वर्तमान में यहां गन्ने की फसल खड़ी है। नायब तहसीलदार ने बताया कि जिस भूमि पर किसान ने गन्ने की फसल बो रखी है, उसमें कुछ हिस्सा ग्राम समाज का भी है। अवैध कब्जेदार को तत्काल कब्जा खाली करने का नोटिस दिया है।
बिलवा, मुड़िया हाफिज, खजुआ जागीर में स्वीकृत है बरातघर
डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि भोजीपुरा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतें बिलवा, मुड़िया हाफिज और खजुआ जागीर ने 14वां वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान से बेहतर विकास कार्य कराए थे। इसलिए इन गांवों को बरातघर की सुविधा देने के लिए परफार्मेंस ग्रांट के 3.41 करोड़ रुपये की दर से धनराशि मिली है। बरातघर बनाने के लिए शासन से टेंडर हो गए हैं।
बिलवा में बरातघर बनाने के लिए प्रधान-लेखपाल ने जमीन चिह्नित की थी, उनके प्रस्ताव पर ही शासन से डीपीआर स्वीकृत हुआ। किसी अन्य ग्राम पंचायत में बरातघर नहीं बन सकता है। अब इस मामले में डीएम-एसडीएम से मिलकर प्रकरण सुलझाएंगे।- कमल किशोर, डीपीआरओ