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11 साल से किसानों को नहीं मिला मुआावजा

Wed, 22 Jan 2020 06:28 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 06:28 PM IST
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land compentation
बरेली। बांध बनाने के लिए जमीन देने वाले किसानों को करीब 11 साल बाद भी मुआवजा की धनराशि नहीं मिली है। किसानों का कहना है कि वह बाढ़ खंड के अधिकारियों के पास कई बार चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को समाधान दिवस के दौरान भी पीड़ित किसानों ने तहसील पहुंचकर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार को पूरे प्रकरण की जांच कराने के लिए दरख्वास्त दी है।
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आंवला तहसील के गांव रोहतापुर के कुलदीप सिंह का कहना है कि वर्ष 2008 में बांध बनाने के लिए उनकी करीब साढ़े तीन बीघा जमीन का अधिग्रहण हुआ था। इसमें शासन ने राज्यपाल के नाम दो बीघा जमीन का बैनामा कराया था। बाकी डेढ़ बीघा जमीन का अब तक मुआवजा ही नहीं मिला है। जबकि इस जमीन का करीब पांच लाख रुपये का भुगतान मुआवजा के तौर पर दिया जाना है। इसके अलावा तमाम अन्य किसानों की भी लिखित शिकायत है कि हाजीपुर से रोहतापुर तक करीब डेढ़ फुट का बांध बनाया गया है। इस जमीन अधिग्रहण के लिए इन गांव के अजमेर सिंह, कमला देवी, अमरजीत कौर, सेवाराम, राजवीर, प्रेम सिंह, राज सिंह, जमीन सिंह, कुलविंदर सिंह सहित तमाम किसानों का लाखों रुपये का मुआवजा निकल रहा है। इसका सरकार से अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। किसानों का कहना है कि बांध का चौड़ीकरण तब तक न किया जाए, जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल जाता है। पीड़ित किसानों ने सदर तहसील में समाधान दिवस में एडीएम सिटी को भी पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है। किसानों ने जमीनों की खतौनी और आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी प्रार्थनापत्र के साथ दी है। एडीएम ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
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