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लालफाटक ओवरब्रिज- कैंट में जमीन अधिग्रहण के बदले प्रशासन ने बभिया में ढूंढी भूमि
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बरेली में बन रहा लाल फाटक रेलओवरब्रिज।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। लालफाटक ओवरब्रिज के लिए कैंट में जमीन के बदले रक्षा मंत्रालय को दूसरी जगह भूमि उपलब्ध कराने को प्रयास तेज कर दिए गए हैं। तहसील प्रशासन ने शहर के सटे बभिया गांव में सरकारी जमीन चिह्नित कर ली है। इसके अलावा कैंट में जमीन की पैमाइश के लिए तहसील की टीम सोमवार को मौके पर पहुंचेगी।
लालफाटक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने के लिए करीब चार साल बाद भी कैंट एरिया में जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सका है। शुक्रवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने निर्माण स्थल पर निरीक्षण के दौरान इस ढिलाई के लिए सेतु निगम के अधिकारियों की क्लास लगा दी थी। इस जमीन के बदले सेतु निगम को रक्षा मंत्रालय को इतनी ही कीमत की दूसरी जगह पर भूमि उपलब्ध करानी है। कमिश्नर ने आदेश दिए थे कि सेतु निगम के अफसर तहसीलदार की मदद से कैंट के आसपास के गांवों का नक्शा लेकर जमीन ढूंढे, ताकि ओवरब्रिज के लिए रक्षा मंत्रालय से एनओसी का पेच जल्द निकाला जा सके। इसके बाद तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने शनिवार को तहसील में लेखपालों की मीटिंग बुलाकर कैंट के आसपास खाली पड़ी सरकारी जमीन का ब्योरा मांगा था। अभी बभिया गांव में खाली मिली सरकारी जमीन को रक्षा मंत्रालय को देने के लिए चिह्नित किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि कैंट के कुछ पास होने की वजह से रक्षा मंत्रालय को भी इस जमीन को लेने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इधर, सोमवार को कैंट एरिया में ओवरब्रिज के लिए ली जाने वाली भूमि की पैमाइश के लिए तहसील की टीम मौके पर पहुंचेगी। तहसीलदार ने इसके लिए लेखपालों की टीम भी गठित कर दी है।
‘लालफाटक पर जमीन अधिग्रहण के बदले बभिया गांव में काफी जमीन खाली मिली है। ओवरब्रिज बनाने के लिए कैंट क्षेत्र में कितनी भूमि चाहिए, इसकी पैमाइश के लिए लेखपालों की टीम सोमवार को मौके पर पहुंचेगी।’
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- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर
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लालफाटक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने के लिए करीब चार साल बाद भी कैंट एरिया में जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सका है। शुक्रवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने निर्माण स्थल पर निरीक्षण के दौरान इस ढिलाई के लिए सेतु निगम के अधिकारियों की क्लास लगा दी थी। इस जमीन के बदले सेतु निगम को रक्षा मंत्रालय को इतनी ही कीमत की दूसरी जगह पर भूमि उपलब्ध करानी है। कमिश्नर ने आदेश दिए थे कि सेतु निगम के अफसर तहसीलदार की मदद से कैंट के आसपास के गांवों का नक्शा लेकर जमीन ढूंढे, ताकि ओवरब्रिज के लिए रक्षा मंत्रालय से एनओसी का पेच जल्द निकाला जा सके। इसके बाद तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने शनिवार को तहसील में लेखपालों की मीटिंग बुलाकर कैंट के आसपास खाली पड़ी सरकारी जमीन का ब्योरा मांगा था। अभी बभिया गांव में खाली मिली सरकारी जमीन को रक्षा मंत्रालय को देने के लिए चिह्नित किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि कैंट के कुछ पास होने की वजह से रक्षा मंत्रालय को भी इस जमीन को लेने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इधर, सोमवार को कैंट एरिया में ओवरब्रिज के लिए ली जाने वाली भूमि की पैमाइश के लिए तहसील की टीम मौके पर पहुंचेगी। तहसीलदार ने इसके लिए लेखपालों की टीम भी गठित कर दी है।
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‘लालफाटक पर जमीन अधिग्रहण के बदले बभिया गांव में काफी जमीन खाली मिली है। ओवरब्रिज बनाने के लिए कैंट क्षेत्र में कितनी भूमि चाहिए, इसकी पैमाइश के लिए लेखपालों की टीम सोमवार को मौके पर पहुंचेगी।’
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- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर