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लालफाटक ओवरब्रिज- अस्थाई सड़क के बजट पर दिक्कत में फंसा प्रशासन
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बरेली। लालफाटक पर रेलवे ने ओवरब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया है और इससे तय हो गया है कि यह रोड जल्द ही बंद हो जाएगी। दूसरी तरफ बदायूं-बरेली के बीच ट्रैफिक बहाल रखने के लिए यहां अस्थायी सड़क बनाने का मामला अभी तक अधर में लटका हुआ है। सेतु निगम और रेलवे की टीम ने अस्थायी सड़क का नक्शा तो तैयार कर लिया है लेकिन इसके निर्माण का खर्च कौन उठाएगा, यह तय नहीं हो पा रहा है। सोमवार को एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह ने सेतु निगम के इंजीनियरों को बुलाकर इस पर फिर मंथन किया। प्रशासन की कोशिश है कि सेतु निगम और रेलवे दोनों अस्थायी सड़क का आधा-आधा खर्च उठाने को तैयार हो जाएं तो जल्द सड़क का निर्माण शुरू हो जाए।
रेलवे ने लालफाटक क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए प्रशासन को चिट्ठी लिखकर इस रोड पर एक सितंबर से ट्रैफिक बंद कराने को कहा था। बदायूं आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता न होने की वजह से प्रशासन इससे पीछे हट गया। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और कमिश्नर रणवीर प्रसाद की बैठक के बाद प्रशासन की अगुवाई में सेतु निगम और रेलवे ने करीब डेढ़ सौ मीटर लंबी अस्थायी सड़क का नक्शा तैयार कर लिया है। इस पर दोनों क्रॉसिंग को भी शिफ्ट किया जाना है। इसके बाद इसे बनाने के लिए रेलवे को अनुमति भेजी जानी है।
इंजीनियरों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए तालाब और कई बड़े गड्ढे पाटने पड़ेंगे। इस कारण इसका खर्च 80 लाख से एक करोड़ तक बैठेगा। सवाल यहां आकर अटक गया है कि यह खर्च कौन उठाएगा। सेतु निगम अधिकारियों का कहना है कि उनके प्रोजेक्ट में अस्थायी सड़क बनाने का कोई प्रावधान ही नहीं है। यह रेलवे के हिस्से का पुल है जबकि रेलवे अधिकारियों का यह तर्क है कि ओवरब्रिज बनाने के लिए रूट डायवर्जन का इंतजाम सेतु निगम या प्रशासन को करना है। नई दिक्कत में फंसा प्रशासन अब कोशिश कर रहा है कि सेतु निगम और रेलवे दोनों इस काम को आधा-आधा खर्च उठाने को तैयार हो जाएं।
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अस्थायी रोड को कौन बनाएगा, इस पर मंथन किया जा रहा है। संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। शीघ्र ही इसका कोई न कोई हल निकाल लिया जाएगा। -महेंद्र कुमार, एडीएम सिटी
पीडब्ल्यूडी के पास अस्थायी रोड बनाने का कोई बजट नहीं है। बजट की स्वीकृति मिलने के साथ शासन की तरफ से इस संबंध में कोई आदेश आता है तो इस काम को अतिशीघ्र पूरा करा दिया जाएगा। -प्रमेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
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रेलवे ने लालफाटक क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए प्रशासन को चिट्ठी लिखकर इस रोड पर एक सितंबर से ट्रैफिक बंद कराने को कहा था। बदायूं आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता न होने की वजह से प्रशासन इससे पीछे हट गया। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और कमिश्नर रणवीर प्रसाद की बैठक के बाद प्रशासन की अगुवाई में सेतु निगम और रेलवे ने करीब डेढ़ सौ मीटर लंबी अस्थायी सड़क का नक्शा तैयार कर लिया है। इस पर दोनों क्रॉसिंग को भी शिफ्ट किया जाना है। इसके बाद इसे बनाने के लिए रेलवे को अनुमति भेजी जानी है।
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इंजीनियरों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए तालाब और कई बड़े गड्ढे पाटने पड़ेंगे। इस कारण इसका खर्च 80 लाख से एक करोड़ तक बैठेगा। सवाल यहां आकर अटक गया है कि यह खर्च कौन उठाएगा। सेतु निगम अधिकारियों का कहना है कि उनके प्रोजेक्ट में अस्थायी सड़क बनाने का कोई प्रावधान ही नहीं है। यह रेलवे के हिस्से का पुल है जबकि रेलवे अधिकारियों का यह तर्क है कि ओवरब्रिज बनाने के लिए रूट डायवर्जन का इंतजाम सेतु निगम या प्रशासन को करना है। नई दिक्कत में फंसा प्रशासन अब कोशिश कर रहा है कि सेतु निगम और रेलवे दोनों इस काम को आधा-आधा खर्च उठाने को तैयार हो जाएं।
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अस्थायी रोड को कौन बनाएगा, इस पर मंथन किया जा रहा है। संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। शीघ्र ही इसका कोई न कोई हल निकाल लिया जाएगा। -महेंद्र कुमार, एडीएम सिटी
पीडब्ल्यूडी के पास अस्थायी रोड बनाने का कोई बजट नहीं है। बजट की स्वीकृति मिलने के साथ शासन की तरफ से इस संबंध में कोई आदेश आता है तो इस काम को अतिशीघ्र पूरा करा दिया जाएगा। -प्रमेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी