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लखीमपुर हिंसा: गृहराज्य मंत्री के बेटे व मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को हाईकोर्ट से मिली जमानत

Thu, 10 Feb 2022 03:04 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 10 Feb 2022 03:04 PM IST
सार

तीन अक्तूबर को तिकुनिया कस्बे में हुई हिंसक वारदात में आठ लोगों की मौत के बाद एसआईटी ने जांच के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

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Lakhimpur Kheri violence case main accused ashish mishra son of union minister ajay mishra teni gets bail from high court
आशीष मिश्र - फोटो : एएनआई

विस्तार

लखीमपुर के तिकुनिया में बीते साल अक्तूबर माह में हुई हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को जमानत दे दी है। सेशन कोर्ट से जमानत याचिका रद्द होने के बाद आशीष मिश्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका डाली थी।

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तीन अक्तूबर को तिकुनिया कस्बे में हुई हिंसक वारदात में आठ लोगों की मौत के बाद एसआईटी ने जांच के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। हाईकोर्ट में आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था।
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अदालत में क्या हुई जिरह
आशीष मिश्र की ओर से पेश वरिष्ठ वकील जीडी चतुर्वेदी ने अदालत के सामने दलील रखी कि आशीष वह कार नहीं चला रहा था जिसके नीचे दबकर तीन अक्तूबर 2021 को किसानों और प्रदर्शनकारियों की जान गई। वकील ने ये भी दलील रखी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी पीड़ित को गोली लगने के घाव की बात नहीं है।
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जस्टिस राजीव सिंह की बेंच के सामने आशीष के वकील ने दलील रखी कि अगर प्रॉसीक्यूशन की बात सही भी मानें तो अजय मिश्र सिर्फ चालक की सीट के बगल में बैठे थे और फिर वह भाग गए थे। ऐसा कोई सबूत नहीं है कि आशीष के निर्देश पर थार कार के ड्राइवर ने प्रदर्शनकारियों पर गाड़ी चढ़ाई थी। या फिर ऐसा कृत्य जानबूझकर किया गया। ऐसे में ये भी नहीं कहा जा सकता कि मिश्रा लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं।

हालांकि, शिकायतकर्ता के वकील इस संबंध में कोई सबूत नहीं दे सके। अंत में, जब न्यायालय मिश्रा की जमानत याचिका में आदेश सुरक्षित रखने वाली थी, तो उनके द्वारा एक सुधार आवेदन दायर किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

ओपी राजभर ने आशीष मिश्र की जमानत पर कही ये बात
केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे को जमानत मिलने पर सुभासपा पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर ने कहा कि, केंद्रीय मंत्री के बेटे को तो जमानत मिल गई लेकिन गाजीपुर बॉर्डर और लखीमपुर में मरने वाले किसानों को न्याय नहीं मिला है। जहां भी भाजपा का निजी हित होता है, उस शख्स को जमानत मिल जाती है और जहां उनका हित नहीं सधता वहां कोई जमानत नहीं होती।


ओपी राजभर ने आगे कहा, आशीष मिश्र को सिर्फ इसलिए जमानत मिली है क्योंकि वह मंत्री का बेटा है। भाजपा को पता है कि वह चुनाव हार रही है। भाजपा इस बेल के जरिए ब्राह्मणों को संदेश देना चाहती है कि यह वोट उनके प्रयासों का नतीजा है।

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