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कंपनी की लापरवाही: फ्लाईओवर से गिरने से गई थी मजदूर की जान, 7.5 लाख रुपये में मामला हुआ रफा-दफा

Wed, 06 Sep 2023 03:32 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 06 Sep 2023 03:32 PM IST
सार

बरेली में फ्लाईओवर से गिरने से मजदूर की मौत हो गई। मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। पिता रतन विश्वास ने बताया कि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उनके पास आए थे। उन्हें बीमा क्लेम के रुपये 45 दिन के भीतर दिलाए जाने का भरोसा दिया गया है। 

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Laborer dies after falling from flyover in Bareilly company settled case for Rs 7.5 lakh
फ्लाईओवर से गिरने से मजदूर की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के कुतुबखाना पुल के निर्माण कार्य के दौरान हुई मजदूर की मौत की कीमत 7.5 लाख रुपये तय कर दी गई है। निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों और राहगीरों की सुरक्षा पर निजी फर्म की ओर से बरती जा रही लापरवाही और अफसरों की अनदेखी पर पर्दा डालने के लिए मंगलवार को खूब मशक्कत हुई। अब बीमा कंपनी ही धनंजय के परिवार को बीमा की रकम देगी।
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कंपनी ने पुल से गिरकर जान गंवाने वाले मजदूर के पिता को बीमा की रकम दिलाने के नाम पर एफआईआर दर्ज न कराने के लिए राजी किया। उन्हें एफआईआर के बाद बिना वजह की भागदौड़ बढ़ने और बीमा की रकम मिलने में देरी का हवाला दिया। 
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पीलीभीत के पूरनपुर में स्थित चंदिया हजारा गांव निवासी मजदूर धनंजय (18) रविवार तड़के कुतुबखाना पुल पर शटरिंग बांधते समय 22 फुट ऊंचाई से गिर गया था। उसने न तो हेलमेट लगाया था और न ही सेफ्टी बेल्ट बांध रखी थी। कंपनी की ओर से कार्यस्थल पर गिरने से बचाने के लिए जाल भी नहीं बांधा गया था। सोमवार को इलाज के दौरान धनंजय की मौत हो गई।
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पिता रतन विश्वास ने बताया कि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उनके पास आए थे। उन्हें बीमा क्लेम के रुपये 45 दिन के भीतर दिलाए जाने का भरोसा दिया गया है। फिलहाल, परिवार आर्थिक संकट में है। रहने के लिए घर नहीं है। खेती की जमीन शारदा नदी के कटान में बह गई। अब परिवार के पास कोई सहारा नहीं है। धनंजय सबसे बड़ा था। 

वही कमा कर परिवार चला रहा था। अगर बेटे की मौत पर एफआईआर कराते हैं तो कब कोर्ट-कचहरी जाते, कब रोजी-रोटी कमाते। ऐसे में समझौता करने में ही भलाई समझी। धनंजय ने मौत से करीब 12 घंटे पहले दिन में तीन बजे मां आरती से फोन पर बातचीत की थी। खुद का हाल ठीक बताया। मां से परिवार का हाल-चाल लिया। 

 

पिता रतन विश्वास ने बताया कि रात में किसी ने फोन करके बेटे के घायल होने की जानकारी दी। वह तत्काल दामाद के साथ बरेली के लिए चल दिए। सुबह 5.30 बजे पहुंचे तो बेटा आईसीयू में था। रात में एक बजे मौत हो गई। 
 

ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि धनंजय का परिवार झोंपड़ी में रहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में घर दिया गया था, लेकिन अभी दीवारें खड़ी हैं। छत पड़ना बाकी है। परिवार को अधिक से अधिक आर्थिक मदद की जरूरत है।

निजी फर्म ने काम करने वाले मजदूरों का ग्रुप इंश्योरेंस कराया है। मजदूर के परिजन को 7.5 लाख रुपये दिलाए जाएंगे। कंपनी के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को बता भी दिया है। -केएन ओझा, महाप्रबंधक, सेतु निगम
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