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कोविड टीकाकरण : 34 केंद्र पर आज 7319 स्वास्थ्यकर्मी को लगाई जाएगी वैक्सीन
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- फोटो : अमर उजाला
नौ नए अस्पताल बनाए केंद्र, 75 फीसदी से टीकाकरण का लक्ष्य
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बरेली। कोविड-19 के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तीसरे सत्र का बृहस्पतिवार को आयोजन होगा। इस बार पिछले दो सत्रों में हुए टीकाकरण से करीब दोगुना स्वास्थ्यकर्मियों को प्रतिरक्षित किए जाने का खाका स्वास्थ्य विभाग ने तैयार कर लिया है। शाम तक सभी निर्धारित केंद्रों पर बने मिनी कोल्ड चेन रूम में निर्धारित तादाद में वैक्सीन भेज दी गई है। पुलिस-प्रशासन के अफसर भी टीकाकरण की निगरानी करेंगे।
बृहस्पतिवार को टीकाकरण अभियान का तीसरा सत्र सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि 18 सरकारी, 26 निजी समेत 34 अस्पतालों में बने केंद्र पर 7319 स्वास्थ्यकर्मी प्रतिरक्षित होंगे। 16 जनवरी को 64.5 और 22 को 66.5 प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ था, अबकी बार करीब शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य है। बरेली में टीकाकरण के लिए एडी हेल्थ कार्यालय परिसर में नए केंद्रों पर तैनात होने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को फिर से प्रशिक्षण दिया गया है। 22 जनवरी को जिन लोगों को प्रतिरक्षित किया गया उन्हें 19 फरवरी को वैक्सीन की दूसरी डोज लगेगी।
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बृहस्पतिवार को टीकाकरण अभियान का तीसरा सत्र सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि 18 सरकारी, 26 निजी समेत 34 अस्पतालों में बने केंद्र पर 7319 स्वास्थ्यकर्मी प्रतिरक्षित होंगे। 16 जनवरी को 64.5 और 22 को 66.5 प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ था, अबकी बार करीब शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य है। बरेली में टीकाकरण के लिए एडी हेल्थ कार्यालय परिसर में नए केंद्रों पर तैनात होने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को फिर से प्रशिक्षण दिया गया है। 22 जनवरी को जिन लोगों को प्रतिरक्षित किया गया उन्हें 19 फरवरी को वैक्सीन की दूसरी डोज लगेगी।
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स्वास्थ्यकर्मियों को करेंगे जागरूक, पांच तक सभी को वैक्सीन का लक्ष्य
अबकी बार स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण से पहले उनके मन में आने वाले सवालों के सकारात्मक जवाब दिए जाएंगे। उन्हें पांचवां संदेश देते हुए पैरासिटामोल की एक खुराक रात में खाने का सुझाव देंगे ताकि हल्के बुखार या दर्द की समस्या न हो। वैसे यह पहले से बताया जा रहा है कि कोरोना का टीका लगने के बाद अगर थकान महसूस हो, कंपकंपी या बुखार या फिर सिर दर्द हो, मतली, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द की समस्या आ रही हो तो इसका मतलब यह है कि टीका असर कर रहा है। वहीं, सभी केंद्रों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उन्हें जोड़ा गया है ताकि एक दूसरे से प्रगति रिपोर्ट साझा करने के साथ ही किसी तरह की समस्या होने पर उसका तत्काल समाधान भी बताया जा सके। कहा, पांच फरवरी तक सभी स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने का प्रयास हो रहा है।
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गर्भवती और स्तनपान करा रही महिलाओं को नहीं लगेगा टीका
डॉ. आरएन सिंह के मुताबिक अगर किसी स्वास्थ्यकर्मी को एलर्जी, बुखार, रक्त बहने, रक्त पतला करने की कोई दवा लेने, प्रतिरक्षा क्षमता कम होने की दिक्कत है तो इसकी जानकारी देनी होगी। गर्भवती या स्तनपान करा रहीं महिलाओं को भी जानकारी देनी चाहिए। सीरम इंस्टीट्यूट की फैक्टशीट के मुताबिक कोविशील्ड टीका 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए ही है। यह टीका उन्हें नहीं लगेगा, जिन्हें पहली खुराक के बाद एलर्जी हुई हो। वैक्सीन लगने के बाद अगर कोई प्रतिकूल प्रभाव होता है तो तत्काल वैक्सीन लगाने वाले को या टोल फ्री नंबर 0581-2828914 पर सूचना दें।टीमें तैयार, केंद्रों पर पहुंच गई वैक्सीन
डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर वैक्सीनेशन के दौरान छह चयनित प्वॉइंट पर स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहेंगे। इनमें सिक्योरिटी गार्ड, वैक्सीनेशन ऑफिसर, जांचकर्ता, वैक्सीनेटर समेत दो सपोर्टिंग स्टाफ और एक एडिशनल वैक्सीनेटर शामिल है। वैक्सीनेशन के लिए कोविशील्ड वैक्सीन की निर्धारित डोज सभी केंद्रों पर बुधवार शाम तक भेजी जा चुकी है। इसे केंद्र पर कोल्ड चेन में सुरक्षित रखा गया है। वैक्सीन की खाली बॉयल को फेंकने के बजाय उसे सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका ब्योरा भी को-विन पोर्टल पर अपडेट करना होगा।ऑब्जर्वेशन रूम पर रहेगी खास नजर
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि सभी केंद्र संचालकों को अस्पताल में निर्धारित समय से सारी व्यवस्था करने को कहा गया है। उन्हें वैक्सीनेशन के बाद ऑब्जर्वेशन रूम को सक्रिय रखने के लिए भी कहा है। ऑब्जर्वेशन रूम में डॉक्टर की उपस्थिति, एड्रिनिल की खुराक और ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था कराने, महिलाओं के वैक्सीनेशन के दौरान पर्दे की व्यवस्था रखने, रजिस्ट्रेशन का मिलान होने पर व्यक्ति को कमरों तक पहुंचाने के लिए एक अन्य गार्ड की तैनाती करने, तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।गाइडलाइन के मुताबिक एक बॉयल से दस टीके लगने हैं। बॉयल खुलने के बाद सिर्फ चार घंटे तक ही उपयोग लायक रहती है। टीके का शरीर पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता है। मैंने टीका लगवा लिया है और पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि यह कोविड-19 के खिलाफ प्रभावी है। स्वास्थ्यकर्मियों से अपील है कि वे टीकाकरण कराएं और सार्थक प्रयास को सफल बनाएं। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ