12591 किसानों के खाते में जाएगा पौने तीन करोड़ रुपया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में ओलावृष्टि और जरूरत से ज्यादा बारिश ने रबी की मुख्य फसल गेहूं को उजाड़ दिया है। वहीं पिछले साल में सूखा पड़ने से खरीफ की फसलें चौपट हुई थीं। इनमें धान की मुख्य फसल थी। जिन किसानों की फसल बीमा प्रीमियम राशि बैंकों के मार्फत बीमा कंपनी ने ले रखी थी, उन्होंने अपने नुकसान का दावा किया था। इस पर नुकसान का आंकलन कराया गया। नुकसान पचास फीसदी से ज्यादा का नहीं था इसलिए तात्कालिक लाभ नहीं दिया जा सका। क्राप कटिंग के आधार पर मुआवजा निर्धारण किया गया। खरीफ के धान की क्षति की प्रतिपूर्ति बीमा कंपनी अब करने जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि शासन का सीधा दखल नहीं होता तो इसमें और भी देर हो जाती। अब कंपनी ने 12591 किसानों को चिन्हित किया है। इन्हें दो करोड़ 73 लाख 71 हजार 848 रुपये का मुआवजा दिया जाना है। फसल के नुकसान की स्थिति और प्रभावित भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर यह किसी को कम तो किसी को ज्यादा मिल सकता है। उपनिदेशक कृषि केपी द्विवेदी ने बताया कि किसानों के खातों में यह धन पहुंचना शुरू हो गया है। किसान अपनी संबंधित बैंक से संपर्क कर सकते हैं।