फिर से होगा सर्वे, चेक वितरण रोका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आला अफसरों का काफिला शुक्रवार को ग्राम पंचायत सिमरिया के मजरा मदनापुर में पहुंचा। यहां 55 काश्तकारों को 2.40 लाख के चेक बांटे गए। राजाराम को 9000, नेत्रपाल को 5400, राजाराम द्वितीय को 4626 और भोलेराम और सावित्री देवी को 3600-3600 का चेक मिला। प्रमुख सचिव ने पूछा कि सर्वे नुकसान के प्रतिशत के आधार पर क्यों नहीं किया गया है? तहसीलदार और लेखपाल इसका जवाब नहीं दे पाए। राजाराम को 14 बीघा गेहूं बर्बाद होने पर 4626 रुपये का चेक मिला, जबकि गेहूं की उत्पादन लागत 20 हजार थी। इसके बाद अफसर रमपुरा किसानान पहुंचे। डीएम गौरव दयाल ने पूछा- सर्वे सही हुआ या नहीं। छेदालाल, प्रेमपाल, रमेश, नरायनदास समेत दर्जनों किसानों ने भारी धांधली की शिकायत डीएम से की। किसानों ने बताया कि लेखपाल ने खेतों पर जाने के बजाय गांव में एक जगह बैठकर ही सर्वे निपटा लिया है। 235 लाभार्थियों की सूची भी पढ़कर सुनाई गई। कई काश्तकारों ने फसल बर्बाद होने के बाद भी मुआवजा पाने वालों की सूची में अपना नाम न होने की शिकायत की। यह सुनकर प्रमुख सचिव ने डीएम को पैनल बनाकर दुबारा सर्वे करवाने और लाभार्थियों की सूची नए सिरे से बनवाने के निर्देेश दिए।