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नेताजी ने पीठ पर रखा हाथ तो माफिया ने टीलों को खोदकर बना दिया तालाब
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फरीदपुर। यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद कुछ समय के लिए तो अवैध खनन पूरी तरह रुक गया लेकिन कुछ ही समय बाद माफिया दिल्ली के एक बड़े नेताजी का वरदहस्त हासिल कर लिया। नेताजी का साथ मिला तो अवैध खनन ने इस कदर रफ्तार पकड़ी कि तमाम इलाकों की शक्ल ही बदलकर रख दी गई। प्रशासन की खामोशी का फायदा उठाकर माफिया ने ग्राम समाज की जमीन को भी नहीं छोड़ और उसे खोदकर तालाब बना दिया। बड़े नेताजी का पुलिस-प्रशासन पर इस कदर खौफ है कि दो दिन पहले गांव चहारपुर में खनन करते हुए तीन जेसीबी पकड़े जाने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
काफी समय से फरीदपुर इलाके में करीब दर्जन भर जेसीबी और सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध खनन लगी हुई हैं। बकैनिया गांव में ग्राम समाज की जमीन पर जहां कभी ऊंचे-ऊंचे टीले हुआ करते थे, वहां लगातार खनन कर माफिया ने इस जगह को तालाब में तब्दील कर दिया है। ग्राम समाज की जमीन का कोई ऐसा कोना नहीं बचा जहां खनन न हो रहा हो। माफिया की पीठ पर नेताजी का हाथ होने के कारण प्रशासन ने पहले तो कभी कार्रवाई ही नहीं की। कभी मजबूरन कार्रवाई की भी गई तो खानापूरी कर मामला निपटा दिया गया। शिकायतें होती रहीं, लेकिन खनन करने वाली मशीनें कभी अफसरों के हाथ नहीं लगीं। राजमार्ग चौड़ीकरण के काम में भी करोड़ों का खेल किया गया। जिन सड़कों से माफिया की गाड़ियां गुजरीं, वे सड़कें मिट्टी से बुरी तरह अट गईं। इन पर उड़ने वाला धूल का गुबार आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया।
हालत यह है कि रात भर सड़क पर दौड़ती ट्रैक्टर ट्रॉलियों के शोर ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। फरीदपुर के मोहल्ला परा में ग्राम समाज का तालाब अवैध खनन से पाटा जा रहा था। इसकी भी शिकायत लोगों ने अधिकारियों से की लेकिन उसे भी अनसुना कर दिया। गुरुवार को जरूर पुलिस ने चहारपुर गांव में खनन करते तीन जेसीबी पकड़ ली थीं। इन जेसीबी को न सिर्फ ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया बल्कि इस मामले में अब तक रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है।
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तमाम गांवों में खुलेआम हो रहा है खनन
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव सरकड़ा, गौसगंज सराय, पर्वता, अहीर गौटियां, गूजर गौटिया, बकैनिया, नगरिया, चाहरपुर, सैदापुर, ढकनी, रजपुरी, केसरपुर में बहगुल नदी किनारे धड़ल्ले खनन किया जा रहा है।
अधिकारी परेशान नहीं करेंगे.. इसका भी ठेका
सूत्रों के मुताबिक खनन करने वालों को काई अधिकारी परेशान नहीं करेगा इस बात का ठेका सवा दो लाख रुपये में होता है। इसमें यह भी शर्त होती है कि यदि कोई खनन करने वालों को निशाना बनाता है तो उसको छुड़ाने से लेकर सभी कामों का हर्जा-खर्चा ठेकेदार को ही उठाना होता है। कितने लोग खनन करेंगे यह भी ठेकेदार पर निर्भर करता है।
तहसील का कानूनगो की भी खनन के खेल में पत्ती
फरीदपुर तहसील का एक चर्चित कानूनगो भी खनन माफिया केे साथ खुलकर है और इस बात की जानकारी अधिकारियों को भी है, लेकिन अफसरों में मजबूत पैठ के चलते उस पर कार्रवाई नहीं होती। गुरुवार को हो रहे खनन में भी उसका हाथ होने की बात सामने आ रही है।
खनन की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की गई है। एक ड्राइवर और तीन जेसीबी पकड़ी गईं हैं। जो भी अवैध खनन करेगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश कर दिए गए हैं। - अरुण कुमार सिंह, एसडीएम फरीदपुर
- खनन की शिकायत जहां जहां मिलती है, तत्काल कार्रवाई की जाती है और किसी को बख्शा नहीं जा रहा है। यदि कोई कर्मचारी माफिया से मिला पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रामानंद राय, सीओ फरीदपुर।
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काफी समय से फरीदपुर इलाके में करीब दर्जन भर जेसीबी और सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध खनन लगी हुई हैं। बकैनिया गांव में ग्राम समाज की जमीन पर जहां कभी ऊंचे-ऊंचे टीले हुआ करते थे, वहां लगातार खनन कर माफिया ने इस जगह को तालाब में तब्दील कर दिया है। ग्राम समाज की जमीन का कोई ऐसा कोना नहीं बचा जहां खनन न हो रहा हो। माफिया की पीठ पर नेताजी का हाथ होने के कारण प्रशासन ने पहले तो कभी कार्रवाई ही नहीं की। कभी मजबूरन कार्रवाई की भी गई तो खानापूरी कर मामला निपटा दिया गया। शिकायतें होती रहीं, लेकिन खनन करने वाली मशीनें कभी अफसरों के हाथ नहीं लगीं। राजमार्ग चौड़ीकरण के काम में भी करोड़ों का खेल किया गया। जिन सड़कों से माफिया की गाड़ियां गुजरीं, वे सड़कें मिट्टी से बुरी तरह अट गईं। इन पर उड़ने वाला धूल का गुबार आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया।
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हालत यह है कि रात भर सड़क पर दौड़ती ट्रैक्टर ट्रॉलियों के शोर ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। फरीदपुर के मोहल्ला परा में ग्राम समाज का तालाब अवैध खनन से पाटा जा रहा था। इसकी भी शिकायत लोगों ने अधिकारियों से की लेकिन उसे भी अनसुना कर दिया। गुरुवार को जरूर पुलिस ने चहारपुर गांव में खनन करते तीन जेसीबी पकड़ ली थीं। इन जेसीबी को न सिर्फ ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया बल्कि इस मामले में अब तक रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है।
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तमाम गांवों में खुलेआम हो रहा है खनन
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव सरकड़ा, गौसगंज सराय, पर्वता, अहीर गौटियां, गूजर गौटिया, बकैनिया, नगरिया, चाहरपुर, सैदापुर, ढकनी, रजपुरी, केसरपुर में बहगुल नदी किनारे धड़ल्ले खनन किया जा रहा है।
अधिकारी परेशान नहीं करेंगे.. इसका भी ठेका
सूत्रों के मुताबिक खनन करने वालों को काई अधिकारी परेशान नहीं करेगा इस बात का ठेका सवा दो लाख रुपये में होता है। इसमें यह भी शर्त होती है कि यदि कोई खनन करने वालों को निशाना बनाता है तो उसको छुड़ाने से लेकर सभी कामों का हर्जा-खर्चा ठेकेदार को ही उठाना होता है। कितने लोग खनन करेंगे यह भी ठेकेदार पर निर्भर करता है।
तहसील का कानूनगो की भी खनन के खेल में पत्ती
फरीदपुर तहसील का एक चर्चित कानूनगो भी खनन माफिया केे साथ खुलकर है और इस बात की जानकारी अधिकारियों को भी है, लेकिन अफसरों में मजबूत पैठ के चलते उस पर कार्रवाई नहीं होती। गुरुवार को हो रहे खनन में भी उसका हाथ होने की बात सामने आ रही है।
खनन की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की गई है। एक ड्राइवर और तीन जेसीबी पकड़ी गईं हैं। जो भी अवैध खनन करेगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश कर दिए गए हैं। - अरुण कुमार सिंह, एसडीएम फरीदपुर
- खनन की शिकायत जहां जहां मिलती है, तत्काल कार्रवाई की जाती है और किसी को बख्शा नहीं जा रहा है। यदि कोई कर्मचारी माफिया से मिला पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रामानंद राय, सीओ फरीदपुर।