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अवैध खनन पकड़े जाने पर भी न दिया जवाब, न जमा की रॉयल्टी
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बरेली। बहेड़ी के मोहम्मदपुर में किच्छा नदी में अवैध खनन और बकाया रॉयल्टी जमा करने के लिए खनन विभाग को दिए चेक के बाउंस होने के मामले में एडीएम वित्त ने पट्टाधारक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति संयुक्त निदेशक (खनन) से मांगी है। शासन से आई टीम ने चेकिंग के दौरान मौके से पोकलेन सहित कई प्रतिबंधित मशीनों से बड़े पैमाने पर खनन होते पकड़ा था। अधिकारियों ने अभी इस मामले में जुर्माना लगाने सहित अन्य कार्रवाई भी नहीं की है।
मोहम्मदपुर में मैसर्स बुक स्मार्ट ट्रक को 17712 घनमीटर हर साल रेत खनन का पट्टा वर्ष 2023 तक के लिए दिया गया था। पट्टे की आड़ में किच्छा नदी से पोकलेन सहित दूसरी मशीनें लगाकर अंधाधुंध खनन हो रहा था। विधायक छत्रपाल सिंह और तत्कालीन इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के बीच पट्टे को लेकर शुरू हुई तनातनी से अवैध खनन का भंडाफोड़ हो गया। बाद में शासन से आई टीम ने भी नदी के अंदर मशीनों से हो रहे अवैध खनन का मामला पकड़ा तो यहां प्रशासन की भी फजीहत हुई। इसमें यह भी सामने आया कि पट्टाधारक ने रॉयल्टी के 15,58,656 रुपये भी जमा नहीं किए थे। इस मामले में शिकंजा कसने के बाद पट्टाधारक के पार्टनर दलजिंदर सिंह ने 21 जून को खनन विभाग को एसबीआई का जो चेक दिया, जो खाते में धनराशि न होने से बाउंस हो गया। खनन अधिकारी कमल कश्यप ने रॉयल्टी जमा किए बगैर खनन होने के मामले में पट्टाधारक को नोटिस दिया था, लेकिन इसका समय से जवाब नहीं दिया गया। बाद में पट्टाधारक के पार्टनर इंद्र सिंह ने यह कहा कि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। दफ्तर में नोटिस रिसीव कराने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही रॉयल्टी जमा की गई है। एडीएम वित्त ने संयुक्त निदेशक खनन को बाउंस चेक की फोटो कॉपी सहित शासकीय अधिवक्ता की रिपोर्ट लगाते हुए मामले में विधिक कार्रवाई करने की अनुमति मांगी है।
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मोहम्मदपुर में मैसर्स बुक स्मार्ट ट्रक को 17712 घनमीटर हर साल रेत खनन का पट्टा वर्ष 2023 तक के लिए दिया गया था। पट्टे की आड़ में किच्छा नदी से पोकलेन सहित दूसरी मशीनें लगाकर अंधाधुंध खनन हो रहा था। विधायक छत्रपाल सिंह और तत्कालीन इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के बीच पट्टे को लेकर शुरू हुई तनातनी से अवैध खनन का भंडाफोड़ हो गया। बाद में शासन से आई टीम ने भी नदी के अंदर मशीनों से हो रहे अवैध खनन का मामला पकड़ा तो यहां प्रशासन की भी फजीहत हुई। इसमें यह भी सामने आया कि पट्टाधारक ने रॉयल्टी के 15,58,656 रुपये भी जमा नहीं किए थे। इस मामले में शिकंजा कसने के बाद पट्टाधारक के पार्टनर दलजिंदर सिंह ने 21 जून को खनन विभाग को एसबीआई का जो चेक दिया, जो खाते में धनराशि न होने से बाउंस हो गया। खनन अधिकारी कमल कश्यप ने रॉयल्टी जमा किए बगैर खनन होने के मामले में पट्टाधारक को नोटिस दिया था, लेकिन इसका समय से जवाब नहीं दिया गया। बाद में पट्टाधारक के पार्टनर इंद्र सिंह ने यह कहा कि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। दफ्तर में नोटिस रिसीव कराने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही रॉयल्टी जमा की गई है। एडीएम वित्त ने संयुक्त निदेशक खनन को बाउंस चेक की फोटो कॉपी सहित शासकीय अधिवक्ता की रिपोर्ट लगाते हुए मामले में विधिक कार्रवाई करने की अनुमति मांगी है।
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