Bareilly: ब्लॉक प्रमुख और खंड विकास अधिकारियों के सम्मेलन में शामिल हुए केशव, बोले- स्मार्ट विलेज बनाएगी सरकार
सम्मेलन में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख का अगला चुनाव सीधे जनता से कराएंगे। जब नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत के चुनाव सीधे जनता से हो सकते हैं तो फिर ब्लॉक प्रमुख के क्यों नहीं।
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बरेली के सर्किट हाउस के सभागार में शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख और खंड विकास अधिकारियों का सम्मेलन हुआ। इसमें ब्लॉक प्रमुखों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने अफसरशाही की कलई खोली। पीलीभीत जिले के मरौरी ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा ने कहा कि खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) उनकी सुनती ही नहीं। शाहजहांपुर के कटरा की ब्लॉक प्रमुख अर्चना गुप्ता ने कहा कि जिले के अधिकारी ब्लॉक प्रमुखों के काम को नहीं सुनते। पीलीभीत जिले के ललौरीखेड़ा के ब्लॉक प्रमुख अजय गंगवार समेत कई प्रमुखों ने कहा कि मनरेगा में क्षेत्र पंचायत कार्यदायी संस्था है पर उसे काम नहीं मिलते।
मुख्य विकास अधिकारियों से मुखातिब होकर डिप्टी सीएम ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख भी जनप्रतिनिधि हैं। महिला प्रमुख को इतना कहना पड़ रहा है, यह चिंता की बात है। अब मंडल भर के मुख्य विकास अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने जिलों में ध्यान दें। किसी भी ब्लॉक में बीडीओ और ब्लॉक प्रमुख में संवादहीनता का माहौल न बनने पाए। पूरनपुर के ब्लॉक प्रमुख आशुतोष दीक्षित ने कहा कि हर माह अधिकारियों के साथ बैठक हो। जो अफसर क्षेत्र पंचायत की बैठक में न आएं, उन पर कार्रवाई की जाए। डिप्टी सीएम ने इस पर हामी भरी। कहा कि सीडीओ सभी ब्लॉक प्रमुखों और खंड विकास अधिकारियों की संयुक्त बैठक जिला स्तर पर हर महीने कराएं। यदि किसी ब्लॉक में संवादहीनता है तो उसे खत्म कराएं।
ब्लॉक प्रमुखों ने सुरक्षा के लिए गनर और विधायक-सांसद की तर्ज पर दो करोड़ रुपये वार्षिक क्षेत्र पंचायत निधि दिलाए जाने की मांग की। डिप्टी सीएम ने कहा कि दोनों मांगों पर शासन विचार करेगा। मनरेगा से क्षेत्र पंचायतों को शासनादेश के अनुरूप काम दिलाना सीडीओ सुनिश्चित करेंगे।
सम्मेलन में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख का अगला चुनाव सीधे जनता से कराएंगे। जब नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत के चुनाव सीधे जनता से हो सकते हैं तो फिर ब्लॉक प्रमुख के क्यों नहीं। यह सवाल उठाते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी जनता से कराएंगे। वह इसके लिए प्रयासरत हैं।
बदायूं जिले के समरेर ब्लॉक की प्रमुख के पति धीरज सक्सेना ने कहा कि उन्होंने शहीदों की याद में स्मारक बनवाया। वन मंत्री के साथ अफसरों को भी बुलाया, लेकिन ब्लॉक के ही कई अफसर नहीं पहुंचे। दातागंज के प्रमुख यतेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि बीडीओ की सीआर लिखने का हक फिर से ब्लॉक प्रमुख को मिलना चाहिए। अधिकतर ब्लॉक प्रमुखों ने ग्राम पंचायत अधिकारियों के तबादले प्रमुखों की संस्तुति पर करने की मांग रखी। डिप्टी सीएम ने कहा कि सीडीओ इस पर निर्णय लें। भदपुरा के प्रमुख रवि गंगवार ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी गांव तक जाना ही नहीं चाहते। प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित नहीं हो रही है। इस पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जाहिर की। क्यारा ब्लॉक के अरविंद चौहान में बीडीओ के पदों पर पीसीएस अफसरों को तैनात करने पर आपत्ति जताई।
- स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट विलेज बनाएगी सरकार।
- गांवों में ऐसे काम कराएं जो प्रदेश और देश के लिए मॉडल बन जाएं।
- काम नहीं करने वाले सफाई कर्मियों पर डीपीआरओ कार्रवाई करें।
- अपने ब्लॉक को आदर्श बनाएं, ताकि मॉडल पेश किया जा सके।
- तालाबों, नदियों और सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाए जाएं।
- ब्लॉक प्रमुख अपने विचार उन्हें ई-मेल करें, सरकार उस पर काम करेगी।
- प्रत्येक ब्लॉक में 10 मॉडल गांव बनाए जाएं।
हर घर जल योजना में सड़कों को खोदकर छोड़ देने पर डिप्टी सीएम ने कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि सड़क की सतह से एक मीटर गहराई में पाइप डालना है। अगर ऐसा नहीं होता है तो ब्लॉक प्रमुख शिकायत करें और सीडीओ कार्रवाई कराएं। अगर सड़क को एक वर्ष के भीतर पहले जैसी हालत में नहीं लाया गया तो भी संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ब्लॉक प्रमुखों ने जो बातें रखीं हैं, उनका समाधान संबंधित मुख्य विकास अधिकारी कराएंगे। तीन महीने बाद मैं खुद इसकी समीक्षा करुंगा। -केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम