Karwa Chauth 2024: करवा चौथ पर शाहजहांपुर में कितने बजे निकलेगा चांद? जानिए समय और पूजन विधि
शाहजहांपुर के दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ल के मुताबिक करवाचौथ पर चंद्रमा का उदय रात सात बजकर 40 मिनट पर हो जाएगा। इसके साथ ही सुहागिनें महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर जल और भोजन ग्रहण करेंगी।
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करवाचौथ का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। शाहजहांपुर में इस बार चंद्रमा उदय रविवार रात 7:40 बजे होगा। ऐसे में सुहागिनों को 19 घंटे 40 मिनट का निर्जला व्रत रखना होगा। करवाचौथ को लेकर शनिवार को बाजार में खासी भीड़ रही। सुहागिनों ने साड़ी, चूड़ी, आभूषण के साथ ही पूजन सामग्री भी खरीदी।
हिंदू परंपरा के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी पर करवाचौथ का त्योहार मनाया जाता है। यह त्योहार सुहागिनों के लिए खास दिन होता है। इसका उनको बेसब्री से इंतजार रहता है। वह अपने पति की दीर्घायु के लिए कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं। चौक मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि रविवार को चंद्रमा का उदय रात सात बजकर चालीस मिनट पर हो जाएगा। तभी व्रती सुहागिनें चंद्रमा को अर्घ्य देकर जल तथा भोजन ग्रहण करेंगी।
करवाचौथ पर पूजन की विधि
पं. अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि करवाचौथ पर सुहागिनें लाल वस्त्र धारण करें, इस रंग के वस्त्र को सुहाग की निशानी माना जाता है। सुहागिनों को 16 शृंगार करने के बाद पूजा-अर्चना करना चाहिए। मां पार्वती को शृंगार सामग्री अर्पित करें और मिट्टी के करवा में जल भरकर पूजा स्थान पर रखें। अब भगवान श्री गणेश, मां गौरी, भगवान शिव और चंद्र देव का ध्यान कर करवाचौथ व्रत की कथा सुनें। चंद्रमा की पूजा कर अर्घ्य दें। फिर छलनी की ओट से चंद्रमा को देखें और उसके बाद अपने पति का चेहरा देखें। इसके बाद ही पति के हाथ से पानी पीकर व्रत का पारण करें।
सजने-संवरने के लिए महिलाओं ने की खरीदारी
करवाचौथ का पर्व मनाने के लिए शनिवार को महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। इसके चलते सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल रही। महिलाओं ने बाजार पहुंचकर अपने लिए साड़ी, चूड़ी, आभूषण खरीदने के साथ ही पूजन सामग्री भी खरीदी। इसके साथ ही अपने हाथों में मेहंदी लगवाने और मेकअप के लिए ब्यूटी पार्लर पहुंची। शनिवार को बहादुरगंज और चौक मंडी में रौनक देखने को मिली। यहां महिलाएं बड़ी संख्या में बाजार में खरीदारी के लिए पहुंची।
महिलाओं ने 16 शृंगार की सामग्री के अलावा सरगी और पूजा की सामग्री भी खरीदी। सुबह से ही बाजार में दुकानें सजने लगीं थीं। देर शाम तक महिलाएं बाजार में खरीदारी करतीं रहीं। सबसे अधिक भीड़ कपड़े, ज्वेलरी, मिठाई और पूजा सामग्री की दुकानों पर देखी गई। महिलाओं ने व्रत को लेकर एक दिन पहले ही पूरे सामान की खरीदारी की।
मेहंदी लगवाने पर दिए 200 से 1000 रुपये
करवाचौथ के लिए सबसे अधिक भीड़ बहादुरगंज की चूड़ी वाली गली में मेहंदी लगाने वालों पास दिखी। यहां पर महिलाएं मेहंदी लगाने के लिए घंटों इंतजार करती रहीं। मेहंदी लगाने वालों ने भी त्योहार के चलते मेहंदी लगाने की दरें दोगुना तक बढ़ा दी हैं। दोनों हाथों में मेहंदी लगाने के 200 रुपये से 1000 रुपये तक वसूल कर रहे हैं। इसके बावजूद महिलाओं की लंबी कतारें दिनभर मेहंदी वालों के पास लगी रहीं।
महंगे होने के बाद भी खूब बिका मिट्टी का करवा, चावल व सींके
करवाचौध पर साठी चावल, चूड़ा व सींके की सबसे ज्यादा मांग रहती है। इसका उपयोग चंद्रमा के उदय होने पर पूजन के लिए किया जाता है। इनके साथ ही चंद्रदेव को अर्घ्य देने के लिए करवा की खरीदारी की गई।
विक्रेता रामकिशन ने बताया कि पूजन सामग्री के दाम बढ़े हैं, पिछले साल साठी चावल 100 रुपये में अब इस बार 160 रुपये में है। चूड़ा 80 की जगह 120 में हो गया है। मिट्टी का करवा 20 रुपये से 50 रुपये, छलनी 30 से 50 रुपये, सीकें पांच रुपये गड्डी, गुड़ 80 रुपये किग्रा चल रही हैं। त्योहार के चलते लोग जरूरत के हिसाब से इनकी खरीदारी कर रहे हैं।