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मढ़ी पर जूना अखाड़ा के बाबा की मौत

Thu, 26 Nov 2015 01:57 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 26 Nov 2015 01:57 AM IST
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Juna Akheda on the cause of death of Baba
बरेली/आंवला। आंवला-भमौरा रोड पर पथरी में सड़क किनारे बनी मढ़ी पर रहने वाले 80 वर्षीय बाबा पूरनलाल नंदगिरि की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उनका शव मढ़ी के बाहर नल के पास खून से लथपथ नग्न अवस्था में पड़ा था। बाबा श्री रमता पंच दशनाम जूना अखाड़ा खेड़ा मढ़ी से जुड़े थे। ग्रामीणों ने साधू की हत्या होने की बात कहकर मढ़ी पर हंगामा किया। बाबा की समाधि बनाने के लिए मढ़ी के पास गड्ढा खोदने का भी विरोध किया गया, लेकिन ग्रामीणों और हुजूम और बाबाओं के आगे किसी की एक नहीं चली। मढ़ी के पास में ही बाबा की समाधि बना दी गई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह टीबी बताई गई है।
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पिछले डेढ़ दशक से बाबा पथरी गांव में राजेश चौधरी के खेत के सामने सड़क किनारे मढ़ी बनाकर पूजा अर्चना करते थे। ग्रामीणों में बाबा के प्रति बेहद आस्था थी। बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने बाबा का खून से लथपथ शव देखा तो पथरी और आसपास के गांव में यह खबर फैल गई। सूचना पर पथरी और आसपास के गांव के लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। सूचना पर इंस्पेक्टर रामवीर सिंह यादव ने ग्रामीणों को समझाकर शांत करते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। पड़ोसी गांव मोतीपुरा के ग्रामीण गुरुवीर उर्फ  गुड्डू सहित तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने तहरीर देकर बताया कि मढ़ी के पड़ोस के खेत वाले से बाबा का विवाद चल रहा था। पिछले साल मढ़ी हटाने के लिए जला दी गई थी। आग में बाबा के गेंहू जलकर राख हो गए थे। ग्रामीणों का कहना था बाबा की लूट के बाद रंजिशन हत्या की गई है।  इंस्पेक्टर रामवीर यादव ने बताया कि बाबा की मौत टीबी की बीमारी से हुई है। इसके बाद भी हम पूरे मामले की जांच करा रहे हैं। किसी का दोष होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   
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20 साल पहले छोड़ दिया था घर
-भमौरा के गांव नितोई के पूरनलाल उर्फ  भूरे ने बीस साल पहले गृहस्थ जीवन छोड़ दिया था। करीब चार साल तक पूरनलाल ने गेरुआ वस्त्र पहनकर खेड़ा मढ़ी पूजा अर्जना की। इसी बीच वह पथरी गांव आ गए। यहां उन्होंने सड़क किनार ही मढ़ी बनाकर पूजा अर्चना शुरू कर दी। परिवार से भी उनका ज्यादा नाता नहीं रहा। 50 वर्षीय बाबा के बेटे रामचंद्र का कहना है कि उन्होंने पिता की धार्मिक आस्था को देखकर अपने खेत में ही मंदिर बनवा दिया था, लेकिन गांव में उनका मन ही नहीं लगा। बाबा के दो पुत्र रामचंद और गोपाली के अलावा पत्नी नन्ही देवी, नाती और दो नातिन हैं।
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टकुला गायब
- बाबा की मौत की सूचना मिलने के बाद पंहुचे ग्रामीणों ने बताया कि मढ़ी से गैस सिलेंडर, चूल्हा और उनके पास हमेशा पास रहने वाला टकुला गायब है।


एक विवाद भी  
सड़क किनारे मढ़ी होने की वजह से पड़ोसी खेत मालिक का दबदबा है। इसे लेकर एक साल पहले लोक निर्माण विभाग ने पुलिस को सरकारी जगह पर जबरन कब्जा करने के आरोप लगाते हुए इसको हटवाने के लिये एसडीएम को पत्र लिखा था, लेकिन ग्रामीणों के दबाव के चलते मढ़ी को हटाया नहीं जा सका। अलबत्ता होली के आस पास रात में किसी समय झोपड़ी में आग लग गई। जिससे उसमें रखा दैनिक उपयोग में आने वाला सामान जलकर राख हो गया। बाबा ने पड़ोसी खेत मालिक के ऊपर आग लगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया था।
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