{"_id":"612d2c0f8ebc3e5f9926c381","slug":"jharkhand-s-coal-mafia-turned-cyber-bareilly-news-bly4579566134","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड का कोयला माफिया निकला साइबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड का कोयला माफिया निकला साइबर
विज्ञापन
आरोपी ठग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुलासा होने पर नौकर ने बरेली पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले किया
विज्ञापन
बरेली। झारखंड के कोयला माफिया ने ग्रीन पार्क निवासी कारोबारी शिव कुमार के खाते से साइबर फ्रॉड कर लाखों रुपये उड़ा लिए और अपने नौकर जिला लातेहर के गांव डीही निवासी सज्जाद के खाते में ट्रांसफर कर निकाल लिए। नौकर को इस फ्रॉड की जानकारी हुई तो उसने बरेली पहुंचकर खुद को साइबर पुलिस के हवाले कर दिया।
शिवकुमार के खाते से पिछले साल 25 दिसंबर को साइबर फ्रॉड कर तीन लाख से ज्यादा रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर करके निकाल लिए गए। इसके बाद पांच फरवरी 2021 को उनके बैंक खाते में लाखों रुपये का ऑनलाइन लेनदेन किया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद साइबर थाने की पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि उनके खाते से यह लेनदेन झारखंड में जिला व थाना लातेहर के गांव डीही निवासी सज्जाद के खाते में किया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी कि सोमवार को वह खुद ही साइबर थाने पहुंच गया। उसने बताया कि वह एक कोयला माफिया के यहां काम करता है। उसका बैंक खाता वही कोयला माफिया इस्तेमाल करता है और नेट बैंकिंग भी करता था।
शिवकुमार के खाते से पिछले साल 25 दिसंबर को साइबर फ्रॉड कर तीन लाख से ज्यादा रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर करके निकाल लिए गए। इसके बाद पांच फरवरी 2021 को उनके बैंक खाते में लाखों रुपये का ऑनलाइन लेनदेन किया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद साइबर थाने की पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि उनके खाते से यह लेनदेन झारखंड में जिला व थाना लातेहर के गांव डीही निवासी सज्जाद के खाते में किया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी कि सोमवार को वह खुद ही साइबर थाने पहुंच गया। उसने बताया कि वह एक कोयला माफिया के यहां काम करता है। उसका बैंक खाता वही कोयला माफिया इस्तेमाल करता है और नेट बैंकिंग भी करता था।
विज्ञापन
गारंटी के तौर पर दिया ब्लैंक चेक
सज्जाद के मुताबिक ज्यादा रुपयों का लेनदेन होने पर उसने कोयला माफिया से सवाल किया तो उसने ब्लैंक चेक देकर मुंह बंद रखने को कहा। विश्वास दिलाया कि अगर कहीं फंस जाओ तो इस चेक में रुपये लिखकर इस्तेमाल कर लेना। मगर जब उत्तराखंड पुलिस उसकी तलाश में पहुंची तो पता चला कि वह लंबा फंस चुका है। रविवार को वह उत्तराखंड के रुद्रपुर थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। मगर उन्होंने नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया और बरेली के साइबर थाने में भी उस पर मुकदमा बताया तो वह यहां पहुंच गया। साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि सज्जाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन