बरेली से बड़ी खबर: बस नमाज प्रकरण में बर्खास्त कंडक्टर मोहित यादव ने की आत्महत्या, कर्मचारियों में रोष
मोहित यादव बरेली डिपो की जनरथ बस पर तैनात थे। उन पर आरोप लगा था कि मोहित ने तीन जून की रात दो यात्रियों को नमाज अदा करने के लिए बस रुकवाई थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद मोहित की संविदा समाप्त कर दी गई थी।
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बरेली के बस नमाज प्रकरण में बर्खास्त किए गए रोडवेज बस के संविदा परिचालक मोहित यादव ने आत्महत्या कर ली है। मोहित यादव मैनपुरी के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक मोहित ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। सोमवार को इसकी जानकारी मिलते ही बरेली डिपो के संविदा कर्मचारियों में रोष फैल गया है।
यह था मामला
घटना तीन जून की है। बरेली डिपो की जनरथ बस यूपी 32 एनएन 0330 शाम 7:30 बजे सवारियां लेकर सेटेलाइट बस स्टैंड से कौशांबी के लिए रवाना हुई थी। बस पर नियमित चालक केपी सिंह और संविदा परिचालक मोहित यादव तैनात थे। बरेली से निकलने के बाद चालक-परिचालक ने रामपुर से पहले रास्ते में बस को रोक दिया था।
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यात्रियों ने इसका कारण पूछा तो पता लगा कि बस में सवार दो मुस्लिम यात्री बीच सड़क पर नमाज पढ़ रहे थे। इस पर यात्रियों ने हंगामा किया था। सतेंद्र नाम के यात्री ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। ट्विटर के जरिये परिवहन निगम के एमडी से शिकायत की गई थी।
आरएम दीपक चौधरी के निर्देश पर बरेली डिपो के एआरएम संजीव श्रीवास्तव ने बस चालक केपी सिंह को निलंबित करने के साथ ही परिचालक मोहित यादव की संविदा समाप्त कर दी थी। बताया जाता है कि संविदा समाप्त होने के बाद मोहित यादव तनाव में थे। सोमवार को उन्होंने अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद बरेली में संविदा कर्मचारियों ने वर्कशॉप में काम बंद कर दिया।