{"_id":"60ef38948ebc3e460d0b717a","slug":"jam-on-hulasnagra-crossing-for-one-more-year-bareilly-news-bly4530371154","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुलासनगरा क्रॉसिंग पर अभी एक साल और झेलिए जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर अभी एक साल और झेलिए जाम
विज्ञापन
हुसाल नगरा में बनाया जा रहा ओवरब्रिज।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओवरब्रिज के ट्रैक के ऊपर रखे जाने वाले गार्डर बनने में लगेंगे सात महीने
विज्ञापन
बरेली। लखनऊ हाईवे पर रेलवे के हुलासनगरा क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से अभी एक साल तक मुक्ति मिलने की उम्मीद नहीं है। यहां बन रहे ओवरब्रिज के रेलवे लाइन के ऊपर रखे जाने वाले गार्डर तैयार होने में अभी कम से कम सात महीने का समय लगेगा। ऐसे में एक साल से पहले हुलासनगरा ओवरब्रिज तैयार हो पाना मुमकिन नहीं है।
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर रोजाना लंबा जाम लगता है। अक्सर जाम में घंटों वाहन फंसे रहते हैं। इधर फतेहगंज पूर्वी और उधर मीरानपुर कटरा तक वाहनों की लाइन लग जाती है। एनएचएआई के पीडी अमित रंजन चित्रांश ने बताया कि 1300 टन वजनी गार्डर बनवाए जाने है। निर्माण के बाद इन्हें ओवरब्रिज के पिलर पर रखा जाएगा। बताया, गार्डर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण में सात-आठ महीने का समय लगेगा। गार्डर रखने के बाद ही पुल को शुरू किया जा सकेगा। बता दें, कि यहां पहले से गार्डर रखे थे लेकिन रखरखाव के अभाव में वह खराब हो गए। पिछले दिनों तकनीकी जांच में उन्हें फेल कर दिया गया। इसके बाद रेलवे ने उनका प्रयोग करने से मना कर दिया। पीडी ने बताया कि पुल के दोनों छोर का काम लगभग पूरा हो चुका है। गार्डर का निर्माण होते ही ट्रैक के ऊपर पुल को जोड़ दिया जाएगा। पुल निर्माण पर एनएचएआई ने भी करीब 46 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
विज्ञापन
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर रोजाना लंबा जाम लगता है। अक्सर जाम में घंटों वाहन फंसे रहते हैं। इधर फतेहगंज पूर्वी और उधर मीरानपुर कटरा तक वाहनों की लाइन लग जाती है। एनएचएआई के पीडी अमित रंजन चित्रांश ने बताया कि 1300 टन वजनी गार्डर बनवाए जाने है। निर्माण के बाद इन्हें ओवरब्रिज के पिलर पर रखा जाएगा। बताया, गार्डर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण में सात-आठ महीने का समय लगेगा। गार्डर रखने के बाद ही पुल को शुरू किया जा सकेगा। बता दें, कि यहां पहले से गार्डर रखे थे लेकिन रखरखाव के अभाव में वह खराब हो गए। पिछले दिनों तकनीकी जांच में उन्हें फेल कर दिया गया। इसके बाद रेलवे ने उनका प्रयोग करने से मना कर दिया। पीडी ने बताया कि पुल के दोनों छोर का काम लगभग पूरा हो चुका है। गार्डर का निर्माण होते ही ट्रैक के ऊपर पुल को जोड़ दिया जाएगा। पुल निर्माण पर एनएचएआई ने भी करीब 46 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
विज्ञापन
पहले सीतापुर फोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल था ओवरब्रिज का निर्माण
पहले ओवरब्रिज के निर्माण का प्रोजेक्ट 2200 करोड़ के बरेली-सीतापुर फोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल था, मगर इसका ठेका लेने वाली इरा इंफ्र ास्ट्रक्चर कंपनी बीच में ही काम छोड़कर भाग गई। लिहाजा ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो सका। पिछले साल जुलाई में मंडलायुक्त की पैरवी के बाद एनएचएआई ने हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजा था। मंत्रालय ने 45.25 करोड़ की लागत से 1000 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज को बनाने की अनुमति दे दी। इसके बाद एनएचएआई ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद यहां काम कराना शुरू किया था।
विज्ञापन