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Bareilly News: इतवार है... इसलिए सफाई से भी छुट्टी
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बरेली। स्मार्ट सिटी की मुख्य सड़कों पर रविवार को दिनभर और सोमवार को सुबह तक आपको कूड़ा फैला दिखाई दे तो हैरत में पड़ने की जरूरत नहीं है। दरअसल पूरा सिस्टम छुट्टी पर रहता है। न तो कूड़ा उठाने वाले कहीं दिखते हैं और न ही निगरानी करने वाले। जगह जगह फैला कूड़ा शहर की खूबसूरती को दाग लगाते हैं।
कूड़ा और गंदगी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। नगर निगम बरेली स्मार्ट सिटी में शामिल होने और स्वच्छता मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल होने के बाद यह स्थिति है। इधर, स्वच्छता सर्वे भी शुरू हो चुका है। मगर अफसर स्वच्छता पर आंखें मूंदे रहते हैं तो कर्मचारी भी मनमानी पर उतारू हो जाते हैं। शहरवासी आशंका जता रहे हैं कि नगर निगम इस बार भी स्वच्छता की रेस में पिछड़ेगा। इधर, घरों से कूड़ा उठाने के लिए जो एजेंसियां लगाई गईं है वह भी ठीक से काम नहीं कर रही हैं। इसी का नतीजा है कि लागू होने के चार साल बाद भी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन 100 फीसदी नहीं हो पा रहा है।
सीन-1: श्यामगंज
बाजार के बीच में बने डलावघर की हालत सबसे अधिक खराब है। यहां सड़क तक कूड़ा फैला रहता है। गंदगी और बदबू से लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। आए दिन यहां जाम भी लगा रहता है। ऐसी स्थिति में लोग नाक बंदकर किसी तरह यहां से निकलते हैं। मगर यहां के हालात आज तक नहीं सुधरे।
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सीन-2: डेलापीर
यहां डलावघर पर सड़क तक कूड़ा फैलकर आना आम बात है। छुट्टा पशु दिनभर कूड़े के ढेर पर बैठे रहते हैं। पशु ही सड़क तक कूड़ा फैलाकर लाते हैं। डलावघर के ठीक पीछे मंदिर भी है। कॉलोनियाें के लिए भी रास्ता जाता है। मगर यहां सफाई कभी दिखाई नहीं देती है। पिछले कई सालों से यही हाल बना हुआ है।
सीन-3: गंगापुर मार्ग
शहदाना से गंगापुर मार्ग पर बना डलावघर बस्ती के बीच में है। इसका आधा कूड़ा तो बाहर सड़क पर ही रहता है। कई बार लोगों ने मांग उठाई कि सड़क पर कूड़ा न फैले। दो बार कूड़ा उठ जाए और यहां सफाई रखी जाए। मगर नगर निगम की ओर से इस तरह के प्रयास कभी नहीं किए गए।
बोले जिम्मेदार
डलावघरों से दो बार कूड़ा उठाने के साफ निर्देश हैं। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन सौ फीसदी घरों से होना है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह लोगों पर कार्रवाई करनी पड़ी तो वह भी होगी।
-उमेश गौतम, महापौर
डलावघरों से कूड़े का उठान दो समय होता है। रविवार को छुट्टी के कारण काम प्रभावित रहता है। मगर टीम को लगाकर शहर की सभी मुख्य सड़कों से कूड़ा सुबह नौ बजे तक उठवा लिया जाता है। फिर भी कहीं से नहीं उठ पा रहा तो उसे दिखवाया जाएगा। डोर टू डोर पर कूड़ा कलेक्शन के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं, ताकि डलावघर तक कूड़ा पहुंचे ही न।
-संचित शर्मा, अपर नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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कूड़ा और गंदगी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। नगर निगम बरेली स्मार्ट सिटी में शामिल होने और स्वच्छता मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल होने के बाद यह स्थिति है। इधर, स्वच्छता सर्वे भी शुरू हो चुका है। मगर अफसर स्वच्छता पर आंखें मूंदे रहते हैं तो कर्मचारी भी मनमानी पर उतारू हो जाते हैं। शहरवासी आशंका जता रहे हैं कि नगर निगम इस बार भी स्वच्छता की रेस में पिछड़ेगा। इधर, घरों से कूड़ा उठाने के लिए जो एजेंसियां लगाई गईं है वह भी ठीक से काम नहीं कर रही हैं। इसी का नतीजा है कि लागू होने के चार साल बाद भी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन 100 फीसदी नहीं हो पा रहा है।
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सीन-1: श्यामगंज
बाजार के बीच में बने डलावघर की हालत सबसे अधिक खराब है। यहां सड़क तक कूड़ा फैला रहता है। गंदगी और बदबू से लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। आए दिन यहां जाम भी लगा रहता है। ऐसी स्थिति में लोग नाक बंदकर किसी तरह यहां से निकलते हैं। मगर यहां के हालात आज तक नहीं सुधरे।
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सीन-2: डेलापीर
यहां डलावघर पर सड़क तक कूड़ा फैलकर आना आम बात है। छुट्टा पशु दिनभर कूड़े के ढेर पर बैठे रहते हैं। पशु ही सड़क तक कूड़ा फैलाकर लाते हैं। डलावघर के ठीक पीछे मंदिर भी है। कॉलोनियाें के लिए भी रास्ता जाता है। मगर यहां सफाई कभी दिखाई नहीं देती है। पिछले कई सालों से यही हाल बना हुआ है।
सीन-3: गंगापुर मार्ग
शहदाना से गंगापुर मार्ग पर बना डलावघर बस्ती के बीच में है। इसका आधा कूड़ा तो बाहर सड़क पर ही रहता है। कई बार लोगों ने मांग उठाई कि सड़क पर कूड़ा न फैले। दो बार कूड़ा उठ जाए और यहां सफाई रखी जाए। मगर नगर निगम की ओर से इस तरह के प्रयास कभी नहीं किए गए।
बोले जिम्मेदार
डलावघरों से दो बार कूड़ा उठाने के साफ निर्देश हैं। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन सौ फीसदी घरों से होना है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह लोगों पर कार्रवाई करनी पड़ी तो वह भी होगी।
-उमेश गौतम, महापौर
डलावघरों से कूड़े का उठान दो समय होता है। रविवार को छुट्टी के कारण काम प्रभावित रहता है। मगर टीम को लगाकर शहर की सभी मुख्य सड़कों से कूड़ा सुबह नौ बजे तक उठवा लिया जाता है। फिर भी कहीं से नहीं उठ पा रहा तो उसे दिखवाया जाएगा। डोर टू डोर पर कूड़ा कलेक्शन के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं, ताकि डलावघर तक कूड़ा पहुंचे ही न।
-संचित शर्मा, अपर नगर स्वास्थ्य अधिकारी