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Bareilly News: आज तय होगा... भगवा बिग्रेड लगाएगी हैट्रिक या फिर दौड़ेगी साइकिल
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बरेली। इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं। आखिर वह दिन आ ही गया, जिसका लोगों को कई दिन से इंतजार था। मंगलवार को ईवीएम में बंद वोट खुलने के साथ ही बरेली व आंवला की जनता को उनका सांसद मिल जाएगा। दोनों ही सीटों पर भाजपा व सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच मुकाबला है और दोनों ही पार्टियों ने यहां से जीत के लिए जोर लगा रखा है। वर्ष 2014 व 2019 के चुनाव में यहां भाजपा जीती थी। बरेली में संतोष गंगवार तो आंवला से धर्मेंद्र कश्यप जीते थे। धर्मेंद्र फिर से मैदान में हैं, जबकि संतोष की जगह पार्टी ने छत्रपाल को उतारा है। साथ ही भाजपा ने दोनों ही सीटों पर हैट्रिक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया है।
दूसरी ओर सपा-कांग्रेस के इंडिया गठबंधन से बरेली सीट से प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन व आंवला से उम्मीदवार नीरज मौर्य हैं। बात मतदान के बाद सामने आए रुझान की करें तो दोनों जगह दोनों ही पार्टियों के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार को जीता हुआ मान रहे हैं। वर्ष 2009 में सांसद रह चुके प्रवीण सिंह ऐरन के समर्थक बसपा उम्मीदवार के मैदान में न होने से विपक्ष का पूरा वोट गठबंधन को मिलने का दावा कर रहे हैं। वह जीत के प्रति आश्वस्त भी हैं। वहीं, भाजपा अपने इतिहास को दोहराने का दावा करते हुए बरेली सीट पर लंबे अंतर से जीत का दावा कर रही है।
आंवला में बसपा उम्मीदवार आबिद अली के होने के बावजूद लोग भाजपा व सपा-कांग्रेस गठबंधन में मुकाबला मान रहे हैं। कहा जा रहा है कि सपा ने यहां की लड़ाई खासी रोचक कर दी है। दो बार के सांसद धर्मेंद्र की राह में गठबंधन प्रत्याशी नीरज मौर्य ने रोड़े बिछाए हैं। इस बार नतीजा पलटने की भी बात कही जा रही है। वहीं, धर्मेंद्र के समर्थकों को हैट्रिक लगने का पूरा भराेसा है। मतगणना में जीत-हार को लेकर लोगों के बीच कयासबाजी का दौर सोमवार देर रात तक जारी रहा। पार्टी समर्थक व आमजन अपने-अपने गुणा-गणित से प्रत्याशियों की जीत-हार तय करते रहे।
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विधायकों की भी प्रतिष्ठा दांव पर
बरेली सीट के अंतर्गत बरेली शहर, कैंट, नवाबगंज, मीरगंज व भोजीपुरा विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें एक सीट भोजीपुरा सपा के खाते की है और वहां शहजिल इस्लाम विधायक हैं। बाकी बरेली शहर से वन राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार, बरेली कैंट से संजीव अग्रवाल, नवाबगंज से डॉ.एमपी आर्या व मीरगंज विधानसभा सीट से डॉ.डीसी वर्मा विधायक हैं और ये सभी भाजपा से वर्ष 2022 में जीते थे। ऐसे में सभी विधायकों के लिए अपनी-अपनी सीट से अपनी पार्टी के उम्मीदवार को जिताने का दबाव है। वहीं, आंवला लोकसभा सीट के अंतर्गत बिथरी चैनपुर, फरीदपुर व आंवला विधानसभा सीटें बरेली जिले की हैं, जबकि बदायूं जिले की शेखूपुर व दातागंज सीटें आती हैं। यहां बिथरी चैनपुर से डॉ.राघवेंद्र शर्मा, फरीदपुर से प्रो.श्याम बिहारी लाल और आंवला से कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह वर्तमान में विधायक हैं। ये सभी भाजपा से हैं और दातागंज के विधायक राजीव कुमार सिंह भी भाजपा से हैं। सिर्फ एक शेखूपुर विधानसभा से हिमांशु यादव सपा विधायक हैं। ऐसे में इन सभी विधायकों पर भी अपने-अपने क्षेत्र में पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी को जिताने का दबाव है।
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दूसरी ओर सपा-कांग्रेस के इंडिया गठबंधन से बरेली सीट से प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन व आंवला से उम्मीदवार नीरज मौर्य हैं। बात मतदान के बाद सामने आए रुझान की करें तो दोनों जगह दोनों ही पार्टियों के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार को जीता हुआ मान रहे हैं। वर्ष 2009 में सांसद रह चुके प्रवीण सिंह ऐरन के समर्थक बसपा उम्मीदवार के मैदान में न होने से विपक्ष का पूरा वोट गठबंधन को मिलने का दावा कर रहे हैं। वह जीत के प्रति आश्वस्त भी हैं। वहीं, भाजपा अपने इतिहास को दोहराने का दावा करते हुए बरेली सीट पर लंबे अंतर से जीत का दावा कर रही है।
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आंवला में बसपा उम्मीदवार आबिद अली के होने के बावजूद लोग भाजपा व सपा-कांग्रेस गठबंधन में मुकाबला मान रहे हैं। कहा जा रहा है कि सपा ने यहां की लड़ाई खासी रोचक कर दी है। दो बार के सांसद धर्मेंद्र की राह में गठबंधन प्रत्याशी नीरज मौर्य ने रोड़े बिछाए हैं। इस बार नतीजा पलटने की भी बात कही जा रही है। वहीं, धर्मेंद्र के समर्थकों को हैट्रिक लगने का पूरा भराेसा है। मतगणना में जीत-हार को लेकर लोगों के बीच कयासबाजी का दौर सोमवार देर रात तक जारी रहा। पार्टी समर्थक व आमजन अपने-अपने गुणा-गणित से प्रत्याशियों की जीत-हार तय करते रहे।
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विधायकों की भी प्रतिष्ठा दांव पर
बरेली सीट के अंतर्गत बरेली शहर, कैंट, नवाबगंज, मीरगंज व भोजीपुरा विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें एक सीट भोजीपुरा सपा के खाते की है और वहां शहजिल इस्लाम विधायक हैं। बाकी बरेली शहर से वन राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार, बरेली कैंट से संजीव अग्रवाल, नवाबगंज से डॉ.एमपी आर्या व मीरगंज विधानसभा सीट से डॉ.डीसी वर्मा विधायक हैं और ये सभी भाजपा से वर्ष 2022 में जीते थे। ऐसे में सभी विधायकों के लिए अपनी-अपनी सीट से अपनी पार्टी के उम्मीदवार को जिताने का दबाव है। वहीं, आंवला लोकसभा सीट के अंतर्गत बिथरी चैनपुर, फरीदपुर व आंवला विधानसभा सीटें बरेली जिले की हैं, जबकि बदायूं जिले की शेखूपुर व दातागंज सीटें आती हैं। यहां बिथरी चैनपुर से डॉ.राघवेंद्र शर्मा, फरीदपुर से प्रो.श्याम बिहारी लाल और आंवला से कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह वर्तमान में विधायक हैं। ये सभी भाजपा से हैं और दातागंज के विधायक राजीव कुमार सिंह भी भाजपा से हैं। सिर्फ एक शेखूपुर विधानसभा से हिमांशु यादव सपा विधायक हैं। ऐसे में इन सभी विधायकों पर भी अपने-अपने क्षेत्र में पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी को जिताने का दबाव है।