बरेली: निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, झोलाछाप स्टाफ से प्रसव कराने का आरोप
अलीगंज क्षेत्र के गैनी गांव स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। महिला के पति के अनुसार, गांव की आशा कार्यकर्ता के कहने पर वह पत्नी को अस्पताल ले गए थे, जहां कथित तौर पर अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने प्रसव कराया।
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
बरेली के अलीगंज में गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल में शनिवार को प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत हो गई। महिला के पति ने झोलाछाप टीम और गांव की आशा कार्यकर्ता पर कमीशन के लिए भर्ती कराने का आरोप लगाया है। पोस्टमॉर्टम में अत्यधिक रक्तस्राव से महिला की मौत होने की पुष्टि हुई है।
पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंचे जोगीठेर गांव निवासी द्वारका प्रसाद ने बताया कि पत्नी रिंकू देवी (21) को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव में एक आशा के कहने पर वह रिंकू को गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल ले गए थे। आरोप है कि शनिवार को अस्पताल में योग्य चिकित्सक के बजाय झोलाछाप व अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने प्रसव कराया।
इससे पहले किसी प्रकार के जोखिम की जानकारी भी नहीं दी। प्रसव के बाद बताया गया कि नवजात मृत है। परिजन ने उसको दफना दिया। तबीयत बिगड़ने के बावजूद रिंकू को रेफर नहीं किया गया। शाम को अत्यधिक रक्तस्राव होने से उनकी तबीयत और बिगड़ गई।
अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप
इसके बाद परिजन उनको बरेली के निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रिंकू ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। द्वारका प्रसाद ने ब्रह्मदेव अस्पताल के संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि गर्भस्थ शिशु को जबरन बाहर निकाला गया। उसकी मौत दम घुटने से हुई है। वहीं, हालत की गंभीरता से परिजन को सही से अवगत नहीं कराया गया।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। परिवार ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।