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Bareilly News: इस्लाम इंसानियत की खिदमत और दुखियों की मदद की देता है शिक्षा
Sat, 13 Jun 2026 01:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:56 AM IST
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बरेली। मोहल्ला कंघी टोला स्थित नूरी रजा मस्जिद में खुत्बा-ए-जुमा से पहले मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना शहनवाज आलम ने अपने खिताब में इस्लाम की खुसूसीयात बयान की। उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसानियत की खिदमत, दुखियों की मदद और मुश्किल में फंसे लोगों का सहारा बनने का दर्स (शिक्षा) देता है। इमाम मौलाना शहनवाज आलम ने दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए अग्निकांड का जिक्र किया।
मौलाना आलम ने बताया कि इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई थी। आग इतनी भयानक थी कि लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे। ऐसे में कुछ मुस्लिम नौजवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों को बचाया। उन्होंने आग की लपटों के बीच पहुंचकर कई लोगों को बाहर निकाला। कुछ लोगों को सीपीआर देकर उनकी जान बचाई। एक मुस्लिम ताजिर ने भी अपनी दुकान के गद्दे बिछवा दिए ताकि ऊपर से कूदने वाले चोटिल न हों। यह कार्य इंसानियत की सेवा का नमूना है। मौलाना आलम ने जोर देकर कहा कि इन नौजवानों ने मदद करते समय किसी का मजहब, जात या बिरादरी नहीं देखी। उन्होंने केवल यह देखा कि कुछ इंसान मुसीबत में हैं और उन्हें सहायता की आवश्यकता है। यह इस्लाम की सच्ची तालीम है और रहमत-ए-आलम का पैगाम है। इस दौरान परवेज नूरी, हारून बेग, जावेद खान, नदीम खान, समीर बेग, हस्सान खान, शोएब रजा और सद्दाम रजा मौजूद रहे।
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मौलाना आलम ने बताया कि इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई थी। आग इतनी भयानक थी कि लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे। ऐसे में कुछ मुस्लिम नौजवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों को बचाया। उन्होंने आग की लपटों के बीच पहुंचकर कई लोगों को बाहर निकाला। कुछ लोगों को सीपीआर देकर उनकी जान बचाई। एक मुस्लिम ताजिर ने भी अपनी दुकान के गद्दे बिछवा दिए ताकि ऊपर से कूदने वाले चोटिल न हों। यह कार्य इंसानियत की सेवा का नमूना है। मौलाना आलम ने जोर देकर कहा कि इन नौजवानों ने मदद करते समय किसी का मजहब, जात या बिरादरी नहीं देखी। उन्होंने केवल यह देखा कि कुछ इंसान मुसीबत में हैं और उन्हें सहायता की आवश्यकता है। यह इस्लाम की सच्ची तालीम है और रहमत-ए-आलम का पैगाम है। इस दौरान परवेज नूरी, हारून बेग, जावेद खान, नदीम खान, समीर बेग, हस्सान खान, शोएब रजा और सद्दाम रजा मौजूद रहे।
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