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Bareilly News: बिजली कटौती से सिंचाई का संकट, सूखने लगीं फसलें
Sun, 28 Apr 2024 05:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 28 Apr 2024 05:08 AM IST
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अलीगंज। अघोषित बिजली कटौती ने खेती-किसानी पर भी संकट खड़ा कर दिया है। बिजली न आने की वजह से नलकूप नहीं चल पा रहे, इससे फसलें सूख रही हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव मक्का की फसल पर पड़ रहा है। किसान महंगे दाम पर डीजल खरीदकर सिंचाई करने के लिए मजबूर हैं।
अलीगंज क्षेत्र में सबसे बुरा हाल पिपरिया फीडर से जुड़े गांवों में है। 38 गांव इस फीडर से जुड़े हैं। किसानों का कहना है कि दो-तीन दिन तक लगातार बिजली गुल रहती है। जब बिजली आती है तो बार-बार ट्रिपिंग की वजह से परेशानी होती है। अलीगंज बिजलीघर से जुड़े अलीगंज, बिशारतगंज, सूदनपुर आदि फीडरों पर भी विद्युत आपूर्ति का हाल बुरा है।
बिना पूर्व सूचना के कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। 24 घंटे में बमुश्किल सात से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति की जाती है। मोहित पोरवाल, सुभाष रस्तोगी आदि लोगों का कहना है कि बिजली निगम रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं कर रहा है। जब किसी अधिकारी या कर्मचारियों को कॉल की जाती है तो या तो उनका फोन बंद आता है या फिर कॉल ही रिसीव नहीं होती है। बिजली के तार जर्जर हो गए हैं। आए दिन फाॅल्ट होते रहते हैं।
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पिपरिया फीडर पर आरडीएसएस योजना के तहत काम चल रहा है। जल्द ही जर्जर तारों को बदल दिया जाएगा। नई लाईन डालने का काम चल रहा है, उसको भी जल्द ही शुरू कराया जाएगा। - सतेंद्र कुमार, एसडीई
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अलीगंज क्षेत्र में सबसे बुरा हाल पिपरिया फीडर से जुड़े गांवों में है। 38 गांव इस फीडर से जुड़े हैं। किसानों का कहना है कि दो-तीन दिन तक लगातार बिजली गुल रहती है। जब बिजली आती है तो बार-बार ट्रिपिंग की वजह से परेशानी होती है। अलीगंज बिजलीघर से जुड़े अलीगंज, बिशारतगंज, सूदनपुर आदि फीडरों पर भी विद्युत आपूर्ति का हाल बुरा है।
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बिना पूर्व सूचना के कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। 24 घंटे में बमुश्किल सात से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति की जाती है। मोहित पोरवाल, सुभाष रस्तोगी आदि लोगों का कहना है कि बिजली निगम रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं कर रहा है। जब किसी अधिकारी या कर्मचारियों को कॉल की जाती है तो या तो उनका फोन बंद आता है या फिर कॉल ही रिसीव नहीं होती है। बिजली के तार जर्जर हो गए हैं। आए दिन फाॅल्ट होते रहते हैं।
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पिपरिया फीडर पर आरडीएसएस योजना के तहत काम चल रहा है। जल्द ही जर्जर तारों को बदल दिया जाएगा। नई लाईन डालने का काम चल रहा है, उसको भी जल्द ही शुरू कराया जाएगा। - सतेंद्र कुमार, एसडीई