Land Acquisition Scam: जांच कमेटी ने हासिल किए अधिग्रहण के अभिलेख..., खुलेंगे घोटाले के राज
बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में फर्जीवाड़ा करके करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। बरेली के मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।
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बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में हुए घोटाले की जांच शुरू हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने सोमवार को भूमि अभिग्रहण के अभिलेख हासिल कर लिए हैं। जांच कमेटी इनके आधार पर घोटाले की तह तक जाएगी।
उम्मीद है कि जांच के दौरान ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे और मूल्यांकन में किए गए फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम सामने आएंगे। जांच आख्या मिलने के बाद कमिश्नर उसे शासन को भेजेंगी। इसके बाद आर्थिक अपराध से जुड़ी किसी एजेंसी को सरकार पूरा मामला सौंप सकती है।
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भूमि अधिग्रहण के घोटाले की तह तक जाने के लिए शासन ने मंडलायुक्त से आख्या मांगी है। इसी के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी जगप्रवेश की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी में एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह और बीडीए के विशेष कार्याधिकारी गौतम सिंह सदस्य हैं।
स्थलीय जांच भी करेगी कमेटी
तीनों अधिकारियों ने शुक्रवार को बैठक की थी। बैठक के बाद सीडीओ ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी से अभिलेख मांगे। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी आशीष कुमार ने सोमवार को अभिलेख भेज दिए। अब इन्हीं अभिलेखों के आधार पर छानबीन के लिए जांच कमेटी कुछ प्रकरणों में स्थलीय जांच करेगी।
जांच के बाद जिम्मेदार राजस्व कर्मचारियों व अधिकारियों के नाम खुलेंगे। साथ ही घोटाले से जुड़े राज भी सामने आएंगे। सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि निष्पक्षता के साथ जांच होती है तो पूरी हकीकत जनता के सामने आएगी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी हो सकेगी।