{"_id":"648386d658efeb73980fe9c8","slug":"interface-meeting-with-animal-husbandry-department-established-in-the-states-started-bareilly-news-c-4-bly1005-178116-2023-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: राज्यों में स्थापित पशुपालन विभाग के साथ इंटरफेस बैठक शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: राज्यों में स्थापित पशुपालन विभाग के साथ इंटरफेस बैठक शुरू
विज्ञापन
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत देश के सभी राज्यों में स्थापित पशुपालन विभागों (एसडीएएच) के साथ इंटरफेस बैठक शृंखला शुक्रवार से शुरू की। पहली बैठक में हिमाचल प्रदेश के पशु चिकित्साधिकारियों और राज्य पशुपालन विभाग, कृषि विज्ञान के अधिकारियों को पशु स्वास्थ्य और उत्पादन में सुधार के लिए जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी ने राज्य सरकार के अधिकारियों से सभी अवर्णनीय नस्लों को चिह्नित करने, क्रॉस ब्रीड की तुलना में स्वदेशी नस्लों को प्राथमिकता देने को कहा। पशुओं के समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए किसानों के अनुकूल तकनीकी, पैकेज, टीकों और निदान को अपनाने का सुझाव दिया।
हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. पीके शर्मा ने पशुओं की विभिन्न प्रजातियों की आबादी के मामले में राज्य में पशुपालन की स्थिति साझा की। आईवीआरआई निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने पशु रोग के उन्मूलन में संस्थान के योगदान के बारे में बताया। साथ ही शुरू हुए नए व्यवसायिक, प्रमाणपत्र, डिप्लोमा कोर्स की जानकारी दी।
विज्ञापन
इस दौरान संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रूपसी तिवारी, आईटीएमयू प्रभारी डॉ. अनुज चौहान, संयुक्त निदेशक डॉ. केपी सिंह, पालमपुर केंद्र के डॉ. रिंकू शर्मा समेत सभी संयुक्त निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्रभारी, अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी ने राज्य सरकार के अधिकारियों से सभी अवर्णनीय नस्लों को चिह्नित करने, क्रॉस ब्रीड की तुलना में स्वदेशी नस्लों को प्राथमिकता देने को कहा। पशुओं के समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए किसानों के अनुकूल तकनीकी, पैकेज, टीकों और निदान को अपनाने का सुझाव दिया।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. पीके शर्मा ने पशुओं की विभिन्न प्रजातियों की आबादी के मामले में राज्य में पशुपालन की स्थिति साझा की। आईवीआरआई निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने पशु रोग के उन्मूलन में संस्थान के योगदान के बारे में बताया। साथ ही शुरू हुए नए व्यवसायिक, प्रमाणपत्र, डिप्लोमा कोर्स की जानकारी दी।
विज्ञापन
इस दौरान संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रूपसी तिवारी, आईटीएमयू प्रभारी डॉ. अनुज चौहान, संयुक्त निदेशक डॉ. केपी सिंह, पालमपुर केंद्र के डॉ. रिंकू शर्मा समेत सभी संयुक्त निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्रभारी, अधिकारी मौजूद रहे।