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झटपट कनेक्शन योजना बनी झंझट
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light
- फोटो : light
ऑनलाइन आवेदन में फंसा दिए जाते हैं पेंच
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बरेली। पॉवर कारपोरेशन ने नए घरेलू कनेक्शन देने में हो रही मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए झटपट योजना शुरू कराई, लेकिन यह आवेदकों के लिए झंझट योजना बन गई है। ज्यादातर मामलों में बिना किसी सुविधा शुल्क के कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे हैं। निवेश मित्र योजना में भी वाणिज्यिक कनेक्शन अटका दिए जाते हैं।
विभाग ने प्रदेश भर में एक से बीस किलोवाट तक घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के नए कनेक्शन देने के लिए झटपट योजना लागू की। औद्योगिक आदि कनेक्शन लेने के लिए निवेश मित्र पोर्टल बनाया गया है। इसके तहत लोगों को मैन्युअल फार्म देने के स्थान पर ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होता है। पोर्टल पर आवेदन करने के बाद जरूरी नहीं है कि उसे कनेक्शन मिल ही जाए, क्योंकि भौतिक सत्यापन और आवेदक पर पुराना बकाया आदि की स्थिति की पहले पड़ताल होती है। यहीं से सुविधा शुल्क का खेल शुरू हो जाता है, क्योंकि मौके पर संविदा अथवा प्राइवेट कर्मी ही जांच करने जाता है। हालांकि कनेक्शन देने अथवा रद्द करने की अवधि एक सप्ताह होती है। लिहाजा तमाम आवेदनों में कोई न कोई आपत्ति लगाकर मामला लटका दिया जाता है।
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विभाग ने प्रदेश भर में एक से बीस किलोवाट तक घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के नए कनेक्शन देने के लिए झटपट योजना लागू की। औद्योगिक आदि कनेक्शन लेने के लिए निवेश मित्र पोर्टल बनाया गया है। इसके तहत लोगों को मैन्युअल फार्म देने के स्थान पर ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होता है। पोर्टल पर आवेदन करने के बाद जरूरी नहीं है कि उसे कनेक्शन मिल ही जाए, क्योंकि भौतिक सत्यापन और आवेदक पर पुराना बकाया आदि की स्थिति की पहले पड़ताल होती है। यहीं से सुविधा शुल्क का खेल शुरू हो जाता है, क्योंकि मौके पर संविदा अथवा प्राइवेट कर्मी ही जांच करने जाता है। हालांकि कनेक्शन देने अथवा रद्द करने की अवधि एक सप्ताह होती है। लिहाजा तमाम आवेदनों में कोई न कोई आपत्ति लगाकर मामला लटका दिया जाता है।
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तीन दिन में निस्तारण अनिवार्य
पोर्टल पर नए कनेक्शन का आवेदन आते ही जेई स्तर से आवेदन का निस्तारण तीन दिन में करना होता है। इसके बाद एसडीओ, एक्सईएन को स्वत: मामला संदर्भित हो जाता है, लेकिन ज्यादातर मामले जेई स्तर पर निस्तारित होते हैं। स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक का बहाना और कोई अन्य आपत्ति लगाकर आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है। सनसिटी विस्तार उपकेंद्र प्रभारी ने तो हद ही कर दी है। पिछले कई माह से सुषमा सिंह नाम के घरेलू कनेक्शन का आवेदन अटकाए रखा है। आपत्ति लगाने की शिकायत अब एक्सईएन अनिल गर्ग तक पहुंच गई है। बताया जाता है कि जिले भर में हर दिन पांच सौ से ज्यादा नए कनेक्शन के लिए आवेदन हो रहे हैं।
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झटपट योजना कथित भ्रष्टाचार और मनमानी रोकने के लिए शुरू हुई है। पोर्टल पर आवेदन कर लोगों को कनेक्शन दिए जा रहे हैं। फिर कहीं कोई दिक्कत हो आवेदक एक्सईएन से संपर्क कर सकते हैं। नए कनेक्शन पर रोक नहीं है, स्मार्ट मीटरों पर रोक है, इसलिए पुराने मीटर लगेंगे। - एनके मिश्रा, एसई शहर