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बरेली: पशुधन मंत्री के बेटे के अस्पताल में घायल युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, हंगामा

Sun, 23 Aug 2026 12:04 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 23 Aug 2026 12:04 PM IST
सार

बरेली के आंवला में सड़क हादसे में घायल युवक की अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। यह अस्पताल पशुधन मंत्री के बेटे का है। परिजन मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे मंत्री के बेटे ने मदद का आश्वासन देकर परिजयों को शांत कराया। 

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Injured youth dies at Animal Husbandry Minister son hospital family alleges negligence in Bareilly
अस्पताल के बाहर हंगामा करते परिजन - फोटो : संवाद

विस्तार

बरेली के आंवला में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के बेटे डॉ. दुष्यंत सिंह के निरामया मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार को मनोज (23) की मौत हो गई। परिजन ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में चार घंटे हंगामा किया। मंत्री को बुलाने की मांग की। सूचना पर पहुंचे मंत्री के बेटे ने मदद का आश्वासन देकर परिजयों को शांत कराया।

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रिश्तेदार यादराम ने बताया कि आंवला-भमोरा मार्ग पर रमनगला गांव के पास शनिवार दोपहर 1:00 बजे टैंकर की चपेट में आने से बाइक सवार भूरी देवी (65) की मौत हो गई थी। गांव प्रेमराजपुर निवासी भूरी अपने धेवते मनोज के साथ बाइक से कहीं जा रही थीं। हादसे में घायल हुए मनोज को रेलवे स्टेशन रोड स्थित निरामया मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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हालत नाजुक होने पर भी बरती लापरवाही 
यादराम ने बताया कि मनोज की हालत नाजुक होने पर भी चिकित्सकों ने उपचार में लापरवाही बरती। कई बार कहने पर भी रेफर नहीं कर रहे थे। कुछ देर बाद रेफर करने पर राजी हुए तो कागजी प्रक्रिया में काफी समय लगा दिया। इस दौरान मनोज ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंत्री को बुलाने की मांग की। 
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सूचना पर आई पुलिस ने परिजन कोसमझाया लेकिन वे शांत नहीं हुए। पशुधन मंत्री के बेटे एवं संचालक डॉ. दुष्यंत सिंह रात 8:00 बजे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजन को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया तो वह शांत हुए।शाम चार से रात आठ बजे तक अस्पताल में हंगामा हुआ। इस दौरान शव अस्पताल परिसर में एंबुलेंस में रखा रहा। 8:30 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, तालगोटिया नंदगांव निवासी बेटी वीरा की तबीयत खराब होने पर र भूरी उनको देखने के लिए मनोज के साथ बाइक से गई थीं। लौटने के दौरान रास्ते में बाइक सवार ई-रिक्शा को ओवरटेक कर रहा था। सामने आ रहे टैंकर की चपेट में आने से हादसा हो गया। 

परिजन ने बताया कि मनोज अपने पिता मुरारीलाल, मां यादवती, बहन रजनी व प्रीति और छोटे भाई पवन के साथ ननिहाल प्रेमराजपुर में रहकर खेती-बाड़ी करते थे। एक साल पहले ही शादी हुई थी। पति की मौत से राजबाला बेसुध हैं। नानी-धेवते की मौत से गांव में मातम पसरा है।

सीओ आंवला हेमंत उपाध्याय ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। टैंकर को थाने में खड़ा कराया है। चालक मौके से भाग गया। उसकी तलाश की जा रही है। अस्पताल में हंगामा होने पर पुलिस टीम गई थी। 

निरामया मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के एमडी डॉ. दुष्यंत सिहं ने बताया कि लापरवाही का आरोप निराधार है। मनोज के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उसके 45 टांके लगाए गए थे। परिजन जबरन डिस्चार्ज की मांग कर रहे थे। जिद पर डिस्चार्ज भी करा लिया, जिससे मौत हो गईं। 

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