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चार फर्मों पर आयकर छापे, करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी
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बरेली। शहर में टैक्स की चोरी करने वाले लोग लगातार आयकर विभाग के निशाने पर बने हुए हैं। शुक्रवार को एक बार फिर आयकर विभाग की टीमों ने स्टेडियम रोड पर मेडिट जी कोचिंग इंस्टीट्यूट, बंसल इंटीरियर्स और सुभाषनगर के कुंवर रिसोर्ट बरातघर समेत चार अलग-अलग कारोबारी ठिकानों पर छापे मारकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी पकड़ी। देर रात तक इन ठिकानों पर जांच-पड़ताल चलती रही। टीमों ने इस दौरान तमाम रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए। आयकर विभाग के छापों से शहर के कारोबारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल के निर्देश पर गोपनीय जानकारी के आधार पर शुक्रवार दोपहर चार ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई की कमान संयुक्त आयुक्त एसबी सिंह के हाथों में थी। स्टेडियम रोड पर मेडिट जी के दो कोचिंग इंस्टीट्यूट पर आयकर छापे के दौरान बड़े पैमाने पर हेराफेरी मिली। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक इंस्टीट्यूट में जितने विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन थे, उनकी संख्या रिकॉर्ड में काफी कम दिखाई गई थी, इसके साथ उनसे ली जा रही फीस और रिकॉर्ड में दिखाई गई फीस में भी बड़ा अंतर पाया गया। इसी तरह बदायूं रोड पर सुभाषनगर की कुंवर रिसोर्ट निर्माण में भी आयकर टीम को निर्माण पर काफी खर्च किए जाने के प्रमाण मिले। आयकर टीम ने रिसोर्ट के मालिक से निर्माण संबंधी रिकॉर्ड तलब किए हैं, साथ ही बुकिंग के लिए ली वाली रकम का भी ब्योरा मांगा है। आयकर टीम को ज्यादातर रिकार्ड मौके पर नहीं मिले जिस पर वह आधे-अधूरे रिकॉर्ड लेकर ही शाम को लौट गई। रिसोर्ट के मालिक को अब मंगलवार सुबह तलब किया गया है।
बंसल इंटीरियर्स पर भी टैक्स की हेराफेरी की पुष्टि हुई। टीम ने यहां से कीमती सामान की खरीदफरोख्त का ब्योरा अपने कब्जे में लिया है। आयकर अफसरों का कहना है कि इस ब्योरे के आधार पर खरीदारों की भी जांच की जाएगी। इसी रोड पर एक और फर्म पर छापे में ऐसे ही रिकार्ड मिले हैं। इस छानबीन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अफसर के साथ कुछ ऐसे अधिकारियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं, जिन्होंने बरेली, लखनऊ, नोएडा आदि शहरों में अपने आलीशान आवास बनवाए हैं। रिकार्ड के आधार पर इन लोगों से भी हिसाब लिए जाने की तैयारी है। आयकर छापों में बीडी प्रजापति, रविंद सिंह, राजेश कुमार, आरके सक्सेना, प्रमोद रावत, डीएस नेगी, अभिषेक कुमार, कुलदीप सिंह आदि शामिल रहे।
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चारों ठिकानों पर मिली करोड़ोें की हेराफेरी
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक छानबीन में कोचिंग इंस्टीट्यूट में तीन करोड़ और बंसल इंटीरियर्स की फर्म में दो करोड़ रुपये के टैक्स की हेराफेरी की पुष्टि हुई है जबकि बारातघर की अभी जांच चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन चारों ठिकानों पर दस करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स रिकवर हो सकता है। आयकर विभाग इसे एक सफलता मान रहा है। अभी जांच जारी है और अभिलेखों का परीक्षण भी पूरा नहीं हो पाया है इसलिए अधिकृत तौर पर आयकर विभाग ने स्थिति साफ नहीं की है।
शहर में चार स्थानों पर हुई कार्रवाई से अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है। रिसोर्ट के भवन के निर्माण में हुए खर्चों का रिकार्ड भी देख जा रहा है, क्योंकि काफी रकम खर्च की गई है। कोचिंग और इंटीरियर्स फर्म से भी रिकार्ड कब्जे में लिए गए हैं। - शिशिर अग्रवाल, प्रधान आयकर आयुक्त
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प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल के निर्देश पर गोपनीय जानकारी के आधार पर शुक्रवार दोपहर चार ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई की कमान संयुक्त आयुक्त एसबी सिंह के हाथों में थी। स्टेडियम रोड पर मेडिट जी के दो कोचिंग इंस्टीट्यूट पर आयकर छापे के दौरान बड़े पैमाने पर हेराफेरी मिली। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक इंस्टीट्यूट में जितने विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन थे, उनकी संख्या रिकॉर्ड में काफी कम दिखाई गई थी, इसके साथ उनसे ली जा रही फीस और रिकॉर्ड में दिखाई गई फीस में भी बड़ा अंतर पाया गया। इसी तरह बदायूं रोड पर सुभाषनगर की कुंवर रिसोर्ट निर्माण में भी आयकर टीम को निर्माण पर काफी खर्च किए जाने के प्रमाण मिले। आयकर टीम ने रिसोर्ट के मालिक से निर्माण संबंधी रिकॉर्ड तलब किए हैं, साथ ही बुकिंग के लिए ली वाली रकम का भी ब्योरा मांगा है। आयकर टीम को ज्यादातर रिकार्ड मौके पर नहीं मिले जिस पर वह आधे-अधूरे रिकॉर्ड लेकर ही शाम को लौट गई। रिसोर्ट के मालिक को अब मंगलवार सुबह तलब किया गया है।
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बंसल इंटीरियर्स पर भी टैक्स की हेराफेरी की पुष्टि हुई। टीम ने यहां से कीमती सामान की खरीदफरोख्त का ब्योरा अपने कब्जे में लिया है। आयकर अफसरों का कहना है कि इस ब्योरे के आधार पर खरीदारों की भी जांच की जाएगी। इसी रोड पर एक और फर्म पर छापे में ऐसे ही रिकार्ड मिले हैं। इस छानबीन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अफसर के साथ कुछ ऐसे अधिकारियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं, जिन्होंने बरेली, लखनऊ, नोएडा आदि शहरों में अपने आलीशान आवास बनवाए हैं। रिकार्ड के आधार पर इन लोगों से भी हिसाब लिए जाने की तैयारी है। आयकर छापों में बीडी प्रजापति, रविंद सिंह, राजेश कुमार, आरके सक्सेना, प्रमोद रावत, डीएस नेगी, अभिषेक कुमार, कुलदीप सिंह आदि शामिल रहे।
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चारों ठिकानों पर मिली करोड़ोें की हेराफेरी
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक छानबीन में कोचिंग इंस्टीट्यूट में तीन करोड़ और बंसल इंटीरियर्स की फर्म में दो करोड़ रुपये के टैक्स की हेराफेरी की पुष्टि हुई है जबकि बारातघर की अभी जांच चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन चारों ठिकानों पर दस करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स रिकवर हो सकता है। आयकर विभाग इसे एक सफलता मान रहा है। अभी जांच जारी है और अभिलेखों का परीक्षण भी पूरा नहीं हो पाया है इसलिए अधिकृत तौर पर आयकर विभाग ने स्थिति साफ नहीं की है।
शहर में चार स्थानों पर हुई कार्रवाई से अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है। रिसोर्ट के भवन के निर्माण में हुए खर्चों का रिकार्ड भी देख जा रहा है, क्योंकि काफी रकम खर्च की गई है। कोचिंग और इंटीरियर्स फर्म से भी रिकार्ड कब्जे में लिए गए हैं। - शिशिर अग्रवाल, प्रधान आयकर आयुक्त