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टेलीग्राम पर चलती थी इनामुल की आतंक की पाठशाला
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इनामुल हक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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निश्चित समय में खुद नष्ट हो जाती है इस एप की चैटिंग, एटीएस पता लगाने में जुटी
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बरेली। शहर के कटघर इलाके से दबोचा गया आतंकी संगठन अंसार गजवातुल हिंद संगठन का जेहादी इनामुल सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों की आईडी से एकाउंट चलाता था। इन्हीं के जरिये वह मुस्लिम युवाओं को भड़काने के साथ उन्हें राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश करता था। अपने जेहादी ग्रुप से उसकी सारी बातचीत टेलीग्राम नाम के एप पर होती थी जो व्हाट्सएप की तरह है लेकिन फीचर के मामले में उससे काफी एडवांस है। कुछ ही समय बाद इसकी चैटिंग खुद ही नष्ट हो जाती है। इस वजह से एटीएस को यह चैटिंग हासिल करने में दिक्कत हो रही है।
एटीएस सूत्र बताते हैं कि इनामुल आतंक की पाठशाला टेलीग्राम पर चलती थी। इनामुल अपने जैसे जेहादी सोच के दूसरे युवकों को फेसबुक पर अभियान चलाकर भी देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाता था। बहकावे में आने वाले युवाओं को टेलीग्राम पर ही बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी। यह एप फीचर के मामले में व्हाट्सएप से काफी एडवांस है। टेलीग्राम के चैनल में काफी संख्या में एक साथ लोगों को जोड़ा जा सकता है और उसका एडमिन एक बार में कई हजार लोगों को संदेश भेज सकता है। चैनल में शामिल दूसरे सदस्यों में वही सदस्य संदेश भेज सकता है जिसको एडमिन अनुमति देगा। बाकी सदस्य संदेश पढ़ और देख सकते हैं। आमतौर पर इस एप का प्रयोग ऑनलाइन पढ़ाई के लिए होता है लेकिन इनामुल अपने आकाओं की हिदायत पर इसका इस्तेमाल जेहादी संगठन चलाने के लिए कर रहा था।
बता दें कि टेलीग्राम में एक सीक्रेट चैट का भी फीचर दिया जाता है जिसके तहत सारी चैटिंग सेट किए समय के अंदर खुद नष्ट हो जाती है। यह चैट एप के सर्वर से भी खत्म कर दी जाती है। अब एटीएस अपनी तरह से इसका पता लगाने में जुटी है कि इनामुल के साथ टेलीग्राम चैनल में कौन-कौन जुड़ा हुआ था।
एटीएस सूत्र बताते हैं कि इनामुल आतंक की पाठशाला टेलीग्राम पर चलती थी। इनामुल अपने जैसे जेहादी सोच के दूसरे युवकों को फेसबुक पर अभियान चलाकर भी देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाता था। बहकावे में आने वाले युवाओं को टेलीग्राम पर ही बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी। यह एप फीचर के मामले में व्हाट्सएप से काफी एडवांस है। टेलीग्राम के चैनल में काफी संख्या में एक साथ लोगों को जोड़ा जा सकता है और उसका एडमिन एक बार में कई हजार लोगों को संदेश भेज सकता है। चैनल में शामिल दूसरे सदस्यों में वही सदस्य संदेश भेज सकता है जिसको एडमिन अनुमति देगा। बाकी सदस्य संदेश पढ़ और देख सकते हैं। आमतौर पर इस एप का प्रयोग ऑनलाइन पढ़ाई के लिए होता है लेकिन इनामुल अपने आकाओं की हिदायत पर इसका इस्तेमाल जेहादी संगठन चलाने के लिए कर रहा था।
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बता दें कि टेलीग्राम में एक सीक्रेट चैट का भी फीचर दिया जाता है जिसके तहत सारी चैटिंग सेट किए समय के अंदर खुद नष्ट हो जाती है। यह चैट एप के सर्वर से भी खत्म कर दी जाती है। अब एटीएस अपनी तरह से इसका पता लगाने में जुटी है कि इनामुल के साथ टेलीग्राम चैनल में कौन-कौन जुड़ा हुआ था।
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