{"_id":"58b5db0c4f1c1b9c1883111f","slug":"in-case-the-ball-is-now-in-the-court-of-administration-teepinagr","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीपीनगर मामले में अब गेंद प्रशासन के पाले में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीपीनगर मामले में अब गेंद प्रशासन के पाले में
बरेली
Updated Wed, 01 Mar 2017 01:48 AM IST
विज्ञापन
17 साल से लंबित ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के मामले में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने मैकेनिकों को कम कीमत पर बनी हुई दुकानें उपलब्ध कराने की पहल कर गेंद प्रशासन के पाले में डाल दी है। बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार और सचिव सुरेंद्र प्रसाद ने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत में कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर में 50 लाख की सड़क बन चुकी है। बिजली, पानी, शौचालय, बैंक, पार्किंग समेत बाकी सुविधाएं तुरंत विकसित करा दी जाएंगी, बशर्ते कि प्रशासन टीपी नगर में अवैध कब्जे हटवाकर ट्रांसपोर्टरों को शहर से ले जाकर वहां शिफ्ट करा दे। मैकेनिकों को सस्ती दुकानें खरीदवाने में प्रशासन और ट्रांसपोर्ट यूनियन को मध्यस्थ की भूमिका निभानी होगी।
बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार, सचिव सुरेंद्र प्रसाद और एक्सईएन बीएम गोयल ने प्रशासन के सामने ट्रांसपोर्ट नगर में कारोबार करने वाले 177 अधिकृत मैकेनिकों को 15 सौ रुपये प्रति स्क्वायर वर्ग गज की दर से ग्राउंड फ्लोर पर 50 से दो सौ मीटर वर्ग गज में बनी हुई दुकान उपलब्ध कराने के प्लान से अवगत कराया। इसमें बताया गया कि मैकेनिकों को 75 हजार से लेकर तीन लाख में दुकान मिल जाएगी। वह चाहें तो बैंक से लोन भी ले सकते हैं। इसमें भी बीडीए से उनकी हर संभव मदद की जाएगी। जो भी मैकेनिक ट्रांसपोर्ट नगर में बीडीए की दुकान खरीदेगा, उसमें छत उसकी नहीं होगी। दुकान की छत पर दो से तीन मंजिल तक ऑफिस बनाकर उन्हें दूसरों को आवंटित किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट नगर में बीडीए के पास अभी 21 भूखंड हैं जिनका आवंटन होना बाकी है। पहले ये भूखंड मैकेनिकों को 11830 रुपये स्क्वायर वर्ग गज से दिए जाने का प्रस्ताव था लेकिन मैकेनिकों ने ये रेट महंगे बताकर प्लाट खरीदने से मना कर दिया था। बता दें कि बीडीए ने वर्ष 1996-97 में मैगनेट सिटी योजना के तहत शाहजहांपुर रोड पर 24.89 हेक्टेयर जमीन ट्रांसपोर्ट नगर विकसित की थी। वर्ष 2001 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री लालजी टंडन ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की मौजूदगी में टीपी नगर का शिलान्यास किया था। दो दशक बाद भी बीडीए की ये योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इसकी वजह से शहर में ट्रांसपोर्टरों के वाहन मुख्य मार्ग और उनके आस-पास जगह पर खड़े होकर अतिक्रमण कर रोजाना जाम की वजह बन रहे हैं। बरेली में कमिश्नर रह चुके विपिन द्विवेदी और जिलाधिकारी पंकज यादव समेत कई अफसर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की पहल कर चुके हैं लेकिन ये प्रयास जमीन पर उतरने से पहले ही उनके ट्रांसफर हो गए।
कोट--
ट्रांसपोर्ट नगर में हमने 50 लाख की सड़क बनवा दी है। पार्किंग, बिजली, पानी शौचालय आदि की सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। उनमें सुधार होना है जिसे जल्दी करा दिया जाएगा। प्रशासन ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध कब्जे हटाकर ट्रांसपोर्टरों को शहर से वहां पहुंचाने की पहल करे। बीडीए इसमें बाकी सुधार कराने को तैयार है। डा. सुरेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष बीडीए
विज्ञापन
विज्ञापन
बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार, सचिव सुरेंद्र प्रसाद और एक्सईएन बीएम गोयल ने प्रशासन के सामने ट्रांसपोर्ट नगर में कारोबार करने वाले 177 अधिकृत मैकेनिकों को 15 सौ रुपये प्रति स्क्वायर वर्ग गज की दर से ग्राउंड फ्लोर पर 50 से दो सौ मीटर वर्ग गज में बनी हुई दुकान उपलब्ध कराने के प्लान से अवगत कराया। इसमें बताया गया कि मैकेनिकों को 75 हजार से लेकर तीन लाख में दुकान मिल जाएगी। वह चाहें तो बैंक से लोन भी ले सकते हैं। इसमें भी बीडीए से उनकी हर संभव मदद की जाएगी। जो भी मैकेनिक ट्रांसपोर्ट नगर में बीडीए की दुकान खरीदेगा, उसमें छत उसकी नहीं होगी। दुकान की छत पर दो से तीन मंजिल तक ऑफिस बनाकर उन्हें दूसरों को आवंटित किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट नगर में बीडीए के पास अभी 21 भूखंड हैं जिनका आवंटन होना बाकी है। पहले ये भूखंड मैकेनिकों को 11830 रुपये स्क्वायर वर्ग गज से दिए जाने का प्रस्ताव था लेकिन मैकेनिकों ने ये रेट महंगे बताकर प्लाट खरीदने से मना कर दिया था। बता दें कि बीडीए ने वर्ष 1996-97 में मैगनेट सिटी योजना के तहत शाहजहांपुर रोड पर 24.89 हेक्टेयर जमीन ट्रांसपोर्ट नगर विकसित की थी। वर्ष 2001 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री लालजी टंडन ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की मौजूदगी में टीपी नगर का शिलान्यास किया था। दो दशक बाद भी बीडीए की ये योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इसकी वजह से शहर में ट्रांसपोर्टरों के वाहन मुख्य मार्ग और उनके आस-पास जगह पर खड़े होकर अतिक्रमण कर रोजाना जाम की वजह बन रहे हैं। बरेली में कमिश्नर रह चुके विपिन द्विवेदी और जिलाधिकारी पंकज यादव समेत कई अफसर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की पहल कर चुके हैं लेकिन ये प्रयास जमीन पर उतरने से पहले ही उनके ट्रांसफर हो गए।
विज्ञापन
कोट--
ट्रांसपोर्ट नगर में हमने 50 लाख की सड़क बनवा दी है। पार्किंग, बिजली, पानी शौचालय आदि की सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। उनमें सुधार होना है जिसे जल्दी करा दिया जाएगा। प्रशासन ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध कब्जे हटाकर ट्रांसपोर्टरों को शहर से वहां पहुंचाने की पहल करे। बीडीए इसमें बाकी सुधार कराने को तैयार है। डा. सुरेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष बीडीए
विज्ञापन