Railway: तत्काल काउंटर टिकट कराएं तो साथ ले जाएं आधार कार्ड, 15 जुलाई से यह व्यवस्था ऑनलाइन में भी लागू
अब काउंटर से तत्काल टिकट बगैर आधार प्रमाणीकरण के नहीं मिलेगा। यह नियम एक जुलाई से लागू हो गया है। 15 जुलाई से ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर भी यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
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अब ट्रेनों में स्लीपर या एसी श्रेणियों में बिना आधार प्रमाणीकरण के तत्काल टिकट बुक नहीं कराया जा सकेगा। एक जुलाई से यह नियम लागू हो गया है। 15 जुलाई को यह व्यवस्था ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर भी लागू हो जाएगी। बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर और भोजीपुरा स्टेशनों से रोजाना औसतन 1800-2000 टिकट बुक होते हैं। इनमें 400-500 संख्या तत्काल काउंटर टिकटों की होती है। अब तक तत्काल टिकट बुक कराने पर आधार प्रमाणीकरण की जरूरत नहीं थी। ऐसे में धंधेबाज खेल भी करते थे। पहले से टिकट बुक करने के बाद जरूरतमंदों को ज्यादा कीमतों पर बेचते थे।
बरेली जंक्शन होते हुए सामान्य दिनों में विशेष ट्रेनों के अलावा रोजाना औसतन 195 ट्रेनों और 32-35 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस, बरेली-भुज एक्सप्रेस और बरेली-इंदौर एक्सप्रेस के प्रारंभिक स्टेशन बरेली हैं। इन ट्रेनों में भी तत्काल बुकिंग खुलते ही मिनटों में तत्काल टिकट बुक हो जाते हैं। इसके अलावा बरेली सिटी, इज्जतनगर व भोजीपुरा स्टेशनों भी है। बरेली से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की लगभग सभी ट्रेनों में कन्फर्म टिकट के लिए मारामारी रहती है। धंधेबाजों के खेल में आम यात्रियों को तत्काल कोटे से भी कन्फर्म टिकट मयस्सर नहीं हो पाता।
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मंगलवार से तत्काल काउंटर टिकट बुक करने से पहले संबंधित यात्री को अपना मोबाइल नंबर देना होगा। ओटीपी के जरिये पहले आधार प्रमाणित किया जाएगा। उसके बाद ही टिकट बुक करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे टिकटों की फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने बताया कि सिस्टम अपडेट हो चुका है। मंगलवार से व्यवस्था लागू हो जाएगी।
इस तरह होती है टिकटों की कालाबाजारी
रेलवे की विशेष अपराध जांच शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक तत्काल टिकट बुक करने के लिए आधार की जरूरत नहीं होती। धंधेबाज आईआरसीटीसी पर 30-40 तक आईडी बना लेते हैं। तत्काल बुकिंग खुलते ही बोगम नामों से लंबी दूरी के टिकट बुक कर देते हैं। बरेली में दो बार ऐसे खुलासे हो चुके हैं कि बरेली से बुक किए गए तत्काल टिकटों पर मुंबई से यात्रा की गई। पिछले साल ही आरपीएफ ने एक रैकेट खोला था। रेलवे ने हाल ही में ऐसे जालसाजों का खुलासा कियाद है, जो पेमेंट गेटवे को क्रैश कर टिकटों की कालाबाजारी करते थे। इस नए कदम से ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की उम्मीद है।