फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   If the written order is received, only then can come to office at 9 o'clock

लिखित आदेश मिले तो ही आएंगे नौ बजे दफ्तर

Mon, 01 May 2017 01:15 AM IST
बरेली। 
बरेली।  Updated Mon, 01 May 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
If the written order is received, only then can come to office at 9 o'clock
लिखित आदेश मिले तो ही आएंगे नौ बजे दफ्तर - फोटो : लिखित आदेश मिले तो ही आएंगे नौ बजे दफ्तर
योगी सरकार ने डीएम से लेकर सभी अफसरों को सुबह नौ से 11 बजे तक अपने दफ्तरों में रहकर जनता की समस्याएं सुनने के आदेश दिए हैं। मगर कर्मचारी सरकार के बदले समय पर दफ्तर आने को तैयार नहीं है। इसके लिए उनकी अपनी शर्त है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सुबह नौ बजे दफ्तर आने के लिए विधानसभा में टाइम संशोधन अध्यादेश लाएं। गवर्नर के हस्ताक्षर से आदेश जारी हों। या फिर डीएम लिखित आदेश जारी करें। तभी वह नौ बजे दफ्तर आएंगे, अन्यथा दफ्तर आने का टाइम 10 से पांच बजे तक है। शासन ने केवल अफसरों से सुबह नौ बजे दफ्तर पहु़ंचकर जन सुनवाई करने की बात कही है। फिलहाल, सुबह नौ बजे दफ्तर आने को लेकर अफसर और कर्मचारियों के बीच टकराव तय माना जा रहा है। 
विज्ञापन

विकास भवन में अधिकांश कर्मचारी तय समय 10 बजे से भी लेट आने के आदी हैं। कई बार जिलाधिकारी के अचानक निरीक्षण में बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने पटल से गायब मिल चुके हैं। स्पष्टीकरण भी लिया गया लेकिन कर्मचारियों का ढर्रा नहीं बदला। हाल ही में सरकार ने अफसरों को सुबह नौ बजे दफ्तर आने की बात कही गई तो कर्मचारी भड़क गए। विकास भवन कर्मचारी यूनियन और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद यूनियन के कर्मचारी नेताओं ने नौ बजे दफ्तर आने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। इनका कहना है कि शासनादेश अधिकारियों के लिए है न कि कर्मचारियों के लिए। इसलिए वह दफ्तर नौ बजे क्यों आएं। जन सुनवाई अफसरों को करनी है। वह नौ बजे दफ्तर आने के लिए जिस कर्मचारी को अपने साथ रखना चाहें। उसे शामिल कर लें। सब कर्मचारियों को नौ बजे बुलाने की क्या जरूरत है। सरकार अलग से पेमेंट दे तो वह नौ बजे दफ्तर आने को तैयार हैं। 
विज्ञापन

शासनादेश अधिकारियों के लिए है न कि कर्मचारियों के लिए। नियमावली 1972 के लिए कर्मचारियों का ऑफिस टाइम सुबह 10 से शाम पांच बजे तक है। अब या तो इस आदेश में संशोधन हो या जिलाधिकारी लिखित आदेश जारी करें। मौखिक आदेश से कर्मचारी टाइम नहीं बदलेंगे- हरीश गंगवार, जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद 
विज्ञापन
विज्ञापन

हम नौ बजे दफ्तर आने का आदेश मानने को तैयार नहीं हैं। जन सुनवाई अफसरों को करनी है। वह जिस कर्मचारी को साथ रखना चाहे, उसकी टीम बना लें। सब कर्मचारियों पर नौ बजे आने का आदेश थोपना ठीक नहीं है। सरकार अलग से पैसा दे तो हम नौ बजे आएंगे- जौहरी लाल , नेता विकास भवन कर्मचारी यूनियन 

हम नौकरी करते हैं तो शासन के प्रत्येक आदेश का पालन करना पड़ेगा। कर्मचारी हमारे अधीन हैं तो उनको भी आदेश मानना पड़ेगा। अफसर अकेले दफ्तर में नहीं बैठेंगे। हम पहले कर्मचारियों को समझाएंगे। नहीं मानने पर डीएम साहब उनके विरुद्ध कार्रवाई करेंगे- रामरक्षपाल यादव, प्रभारी सीडीओ 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed