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बारिश तो ठीक मगर ओले गिरे तो किसानों को होगा भारी नुकसान
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बरेली में आधी रात के बाद तक होती रही रुक-रुक कर बारिश।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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हवा के रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
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किसानों को खेतों में बारिश के पानी की निकासी का दिया सुझाव
बरेली। पछुआ हवा के चलते हो रही बारिश के असर से शीतलहर का प्रकोप और गहरा सकता है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। जिससे किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञ ने किसानों को खेतों में जलभराव की निकासी का सुझाव दिया है।
भारतीय मौसम विज्ञान की ओर से जारी बुलेटिन के तहत शनिवार को 3.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान होने के चलते प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बरेली रहा। रविवार को दिन भर रह-रहकर बारिश का दौर जारी रहा। शाम को मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में अगले 48 घंटों में ओलावृष्टि की आशंका जताने से किसानों में खलबली मच गई है। उनके मुताबिक बारिश तो फसलों के लिए लाभदायक है मगर ओले गिरे तो खेतों में गेहूं, मटर, सब्जी, सरसों समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान होगा। जिसकी भरपाई नहीं हो पाएगी। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में भर रहे पानी की निकासी का इंतजाम करने का सुझाव दिया है।
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आपदा के 72 घंटे के भीतर दें नुकसान की सूचना
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी के मुताबिक, मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। लिहाजा प्र्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान ओलावृष्टि, चक्रवाती वर्षा से क्षति की स्थिति में 72 घंटे में बीमा कम्पनी को कॉल कर जानकारी दें। किसान खुद या कंपनी के टोल फ्री नंबर, संयुक्त टोल फ्री नंबर 1800120909090 पर संबंधित बैंक शाखा, जिले के कृषि/राजस्व विभाग के किसी अधिकारी, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य के जरिए नुकसान की सूचना दें ताकि बीमा कंपनी क्षति का आकलन कर किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान कर सके।
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रहें सतर्क.. बच्चों-बुजुर्गों की सेहत का रखें ध्यान
बारिश के बाद शीतलहर हावी होने की आशंका मौसम विभाग ने जताई है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश के मुताबिक बारिश के बाद मौसम का रुख बदलेगा। एहतियात न बरतने वाले लोग वायरल बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इस दौरान खानपान में सावधानी बरतने और धूप खिलने के बावजूद पूरी आस्तीन और गर्म कपड़े पहनने की जरूरत है। बारिश के बाद सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा डायरिया और निमोनिया भी हो सकता है। सड़कों के किनारे बिक रहे फल, सब्जी को बगैर धोए न खाएं। बासी खाने से परहेज करें। तबीयत बिगड़ने पर बगैर परामर्श के दवा न खाएं।
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किसानों को खेतों में बारिश के पानी की निकासी का दिया सुझाव बरेली। पछुआ हवा के चलते हो रही बारिश के असर से शीतलहर का प्रकोप और गहरा सकता है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। जिससे किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञ ने किसानों को खेतों में जलभराव की निकासी का सुझाव दिया है।
भारतीय मौसम विज्ञान की ओर से जारी बुलेटिन के तहत शनिवार को 3.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान होने के चलते प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बरेली रहा। रविवार को दिन भर रह-रहकर बारिश का दौर जारी रहा। शाम को मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में अगले 48 घंटों में ओलावृष्टि की आशंका जताने से किसानों में खलबली मच गई है। उनके मुताबिक बारिश तो फसलों के लिए लाभदायक है मगर ओले गिरे तो खेतों में गेहूं, मटर, सब्जी, सरसों समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान होगा। जिसकी भरपाई नहीं हो पाएगी। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में भर रहे पानी की निकासी का इंतजाम करने का सुझाव दिया है।
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आपदा के 72 घंटे के भीतर दें नुकसान की सूचना
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी के मुताबिक, मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। लिहाजा प्र्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान ओलावृष्टि, चक्रवाती वर्षा से क्षति की स्थिति में 72 घंटे में बीमा कम्पनी को कॉल कर जानकारी दें। किसान खुद या कंपनी के टोल फ्री नंबर, संयुक्त टोल फ्री नंबर 1800120909090 पर संबंधित बैंक शाखा, जिले के कृषि/राजस्व विभाग के किसी अधिकारी, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य के जरिए नुकसान की सूचना दें ताकि बीमा कंपनी क्षति का आकलन कर किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान कर सके।
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